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Chandauli News: पानी निकासी ना होने से सड़क पर कीचड़ और एकत्र है पानी

Tue, 12 Dec 2023 12:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Dec 2023 12:12 PM IST
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Due to lack of drainage, there is mud and water accumulated on the road.
पीडीडीयू नगर। जिले के वन क्षेत्र नौगढ़ में निवास करने वाले ग्रामीणों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए शासन की ओर से 132 करोड़ की नई योजना को मंजूरी मिलने के बाद धन अवमुक्त हो गया है। इसी के साथ कार्यदाई संस्था ईस्ट इंडिया उद्योग लिमिटेड ने पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है।
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अब तक करीब 25 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। इसके अलावा पानी की टंकियां बनाने सहित अन्य कार्य भी किये जा रहे हैं। योजना के तहत 86 गावों के 12 हजार 300 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। योजना के तहत पानी की नौ ओवरहेड टंकियां बनाई जाएंगी जिनमें भैसोड़ बांध के पानी को तीन स्तर पर साफ कर भरा जाएगा। टंकियों से 900 किलोमीटर पाइप लाइन के जरिए लोगों के घरों तक पानी पहुंचेगा। कार्यदाई संस्था ने पाइप लाइन बिछाने का कार्य आरंभ कर दिया है। वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे वनांचल के लोगों के लिए यह खबर किसी खुशखबरी से कम नहीं है। इसके बाद वनवासियों को शुद्ध पानी
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मिलने लगेगा। नक्सल प्रभावित नौगढ़ के वनक्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था किया जाना हमेशा चुनौती रहा है। वनक्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीण चंद हैंडपंपों और पहाड़ों से निकलने वाले (चुआड़ों) प्राकृतिक जल श्रोतों पर आश्रित रहते हैं। इनसे आर्सेनिकयुक्त और दूषित पानी ही आता है। गर्मी के दिनों में जलस्तर घट जाने से हैंडपंप पानी देना छोड़ देते हैं और प्राकृतिक जल के श्रोत भी सूख जाते हैं। इससे वनवासियों को पानी के लिए दूर-दूर भटकना पड़ता है। जिला प्रशासन को पानी के टेंकर भेजने पड़ते हैं जो नाकाफी साबित होते हैं।
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पीडीडीयू नगर। वनक्षेत्र के इन गांवों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए भैसोढ़ा में बने बांध में एकत्र पानी को शुद्ध करने की योजना है। इसके लिए बांध में जमा पानी को तीन स्तर पर शुद्ध किया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, रॉ वाटर रिजवायर और फिल्टर प्लांट से पानी को साफ कर टैंकों में भेजा जाएगा। टैंकों से पाइप लाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जाएगा।

बांध के शुद्ध पानी को स्टोर करने के लिए क्षेत्र के नौ चिह्नित स्थानों पर पानी की टंकियां बनाई जाएंगी। इन टंकियों की क्षमता 100 से 750 किलोलीटर पानी एकत्र करने की होगी। टंकियों से लगभग 900 किलोमीटर पाइप लाइन के जरिए 12 हजार 300 घरों तक पानी पहुंचाया जाएगा।

कोट..........

नौगड़ पेयजल योजना को शासन की मंजूरी मिल गई है और कार्य आरंभ हो गया है। योजना के तहत जिन गांवों में पाइप लाइन के जरिए पानी नहीं पहुंचाया जा सकेगा, उन गांवों में उच्च क्षमता के हैंडपंप लगाए जाएंगे।

राकेश कुमार, एक्सईएन, जलनिगम, (ग्रामीण)।

कोट.......

शासन की अनुमति मिलने के बाद कार्य आरंभ कर दिया गया है। करीब 25 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। वन क्षेत्र में कार्य होने के कारण वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया जारी है। जितनी जल्दी अनुमति मिलेगी, उतनी जल्दी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। योजना से जुड़े सभी कार्य मार्च 2024 तक पूरे किए जाने हैं। यूएस दूबे, जीएम, ईस्ट इंडिया उद्योग लिमिटेड।
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