{"_id":"634efb551b79aa2f1b5fe0fa","slug":"difficult-to-return-home-on-diwali-from-surat-bangalore-mumbai-chennai-chandauli-news-vns679672216","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरत, बेंगलूरू, मुंबई, चेन्नई से दीपावली पर घर लौटना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरत, बेंगलूरू, मुंबई, चेन्नई से दीपावली पर घर लौटना मुश्किल
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। दीपावली और डाला छठ पर प्रदेश से घर लौटने के लिए रेलवे ने पांच दर्जन से अधिक पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू की है। बावजूद इसके सूरत, बेंगलूरू, मुंबई, चेन्नई से वापस लौटने के लिए सीट नहीं मिल रही है। दूसरी तरफ प्राइवेट बसों के टिकट ट्रेन के फर्स्ट एसी से भी अधिक हैं। वहीं फ्लाइट की टिकट भी महंगी हो चुकी है। यह आम लोगों के जेब के बाहर है।
चंदौली जिले से बड़ी संख्या में लोग बेंगलुरू, मुंबई, पुणे, चेन्नई, सूूरत, वापी सहित अन्य औद्योगिक शहरों में प्राइवेट कंपनियों में काम करते हैं। ये प्रवासी होली, दीपावली, डाला छठ जैसे पर्व पर घर वापस लौटते हैं। चंदौली से दस हजार से अधिक लोग औद्योगिक शहरों में प्रवास करते हैं। डाउन की ट्रेनों में तो एक माह पहले ही दीपावली के समय की सीट फूल हो चुकी है। यात्रियों की सुविधा के लिए पीडीडीयू जंक्शन होते हुए बिहार के लिए पांच दर्जन पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है।
हालांकि इसका प्रचार प्रसार कम हुआ है। वहीं त्योहार के मौके पर ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में प्रवासी लोगों को इसके बारे में पता हीं नहीं है। इससे वे परेशान हैं। इनके लिए दिवाली पर अपने घर पहुंचना किसी जंग से कम नहीं नजर आ रहा है। बेंगलुरु, मुंबई, पुणे जैसे शहरों से वाराणसी के फ्लाइट के टिकट काफी महंगे हैं। निजी बसों के टिकट ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच से भी महंगे हैं।
विज्ञापन
बेंगलुरू में रहने वाले परशुरामपुर निवासी विकास कुमार ने बताया कि अभी छूट्टी मिली नहीं है। दीपावली के दो दिन पहले छुट्टी मिलेगी। ऐसे में कैसे घर पहुंचेंगे समझ में नहीं आ रहा है। वहीं अलीनगर निवासी रमेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा सूरत में रहता है। छठ पर घर आना है। सभी ट्रेनों में सीट फूल है।
ऐसे में मुश्किल हो रही है। कैली निवासी नेरश का भाई गोपाल भोपाल के समीप मंडीदीप में निजी कंपनी में काम करता है। बताया कि भोपाल से 22 अक्तूबर को किसी ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। अब रेलवे ने एक पूजा स्पेशल चलाने की घोषणा की है। उसमें रिजर्वेशन कराने जा रहा हूं।
विज्ञापन
चंदौली जिले से बड़ी संख्या में लोग बेंगलुरू, मुंबई, पुणे, चेन्नई, सूूरत, वापी सहित अन्य औद्योगिक शहरों में प्राइवेट कंपनियों में काम करते हैं। ये प्रवासी होली, दीपावली, डाला छठ जैसे पर्व पर घर वापस लौटते हैं। चंदौली से दस हजार से अधिक लोग औद्योगिक शहरों में प्रवास करते हैं। डाउन की ट्रेनों में तो एक माह पहले ही दीपावली के समय की सीट फूल हो चुकी है। यात्रियों की सुविधा के लिए पीडीडीयू जंक्शन होते हुए बिहार के लिए पांच दर्जन पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया है।
विज्ञापन
हालांकि इसका प्रचार प्रसार कम हुआ है। वहीं त्योहार के मौके पर ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में प्रवासी लोगों को इसके बारे में पता हीं नहीं है। इससे वे परेशान हैं। इनके लिए दिवाली पर अपने घर पहुंचना किसी जंग से कम नहीं नजर आ रहा है। बेंगलुरु, मुंबई, पुणे जैसे शहरों से वाराणसी के फ्लाइट के टिकट काफी महंगे हैं। निजी बसों के टिकट ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच से भी महंगे हैं।
विज्ञापन
बेंगलुरू में रहने वाले परशुरामपुर निवासी विकास कुमार ने बताया कि अभी छूट्टी मिली नहीं है। दीपावली के दो दिन पहले छुट्टी मिलेगी। ऐसे में कैसे घर पहुंचेंगे समझ में नहीं आ रहा है। वहीं अलीनगर निवासी रमेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा सूरत में रहता है। छठ पर घर आना है। सभी ट्रेनों में सीट फूल है।
ऐसे में मुश्किल हो रही है। कैली निवासी नेरश का भाई गोपाल भोपाल के समीप मंडीदीप में निजी कंपनी में काम करता है। बताया कि भोपाल से 22 अक्तूबर को किसी ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा है। अब रेलवे ने एक पूजा स्पेशल चलाने की घोषणा की है। उसमें रिजर्वेशन कराने जा रहा हूं।