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पैसेंजर ट्रेनों के न चलने से धीना, बहोरा चंदेल के यात्री परेशान
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पं. दीनदयाल उपाध्याय पटना रूट पर पर्याप्त पैसेंजरों के चलने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। धीना में एक्सप्रेस ट्रेनों का भी ठहराव बंद कर दिया गया। ऐसे में लोगों को पीडीडीयू नगर आने के लिए अधिक पैसे और समय खर्च करने पड़ रहे हैं।
पटना रेलवे रूट पर जिले का अंतिम छोर पर बहोरा चंदेल स्टेशन हैं। यहां से आस पास के दो दर्जन से अधिक गांव के लोग आवागमन करते हैं। इसी तरह धीना रेलवे स्टेशन से भी प्रतिदिन लोग पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर खरीदारी करने जाते हैैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों कों बंद कर दिया। विशेष कर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या कम किए जाने से क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। वर्तमान में इस रूट पर पीडीडीयू दिलदारनगर पैसेंजर और पटना मेमू का संचालन हो रहा है। पूर्व में इस रूप पर लगभग आधा दर्जन पैसेंजर अप और डाउन में चलती थी। इससे लोग सुबह पंडि़त दीनदयाल उपाध्याय नगर जाकर देर शाम वापस लौट आते। इसी तरह यहां के लोग जमानियां दिलदारनगर भी चले जाते और वापस लौट आते।
बहोरा चंदेल से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर की दूरी 39 किमी है जबकि दिलदारनगर 18 किमी दूर है। वर्तमान में दिलदारनगर पैसेंजर पीडीडीयू जंक्ध्शन से सुबह सवा छह बजे खुलकर सवा सात बजे सुबह बहोरा चंदेल पहुंचती है। वहीं पटना मेमू पीडीडीयू जंक्शन से दोपहर में ढाई बजे खुलकर 3.27 बजे बहोरा पहुंचती है। वहीं अप में दिलदारनगर पैसेंजर रात आठ बजे बहोरा पहुंचती है और रात पौने दस बजे पीडीडीयू जंक्शन पहुंचती है। वहीं पटना मेमू दोपहर 12.26 बजे बहोरा से खुलती है और दोपहर दो बजे पीडीडीयू जंक्शन पहुंचती है। बहोरा निवासी कृष्णानंद चौबे ने बताया कि बहोरा से पीडीडीयू जंक्शन की दूरी चालीस किमी है। ट्रेन से जाने से में मात्र दस रूपये खर्च होते हैं जबकि अन्य साधन से जाने में 50 से साठ रुपये खर्च होते हैं।
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कंजेहरा निवासी गुलाब यादव ने कहा कि निजी साधन से जाने में लगभग तीन घंटे लगते हैं जबकि ट्रेन से 45 मिनट का समय लगता। सिकठा निवासी राजीव रंजन ने कहा कि ट्रेन न होने से पहले असना अथवा धीना जाना पड़ता है। असना से सैयदराजा और धीना से कमालपुर पहुंचकर पीडीडीयू नगर पहुंचते हैं। इसमें अधिक समय लगता है। जलालपुर निवासी सन्नी सिंह ने कहा कि पूर्व में धीना में कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता था। इसे बंद करने से दिक्कत हो रही है। जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद इकबाल ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए लगातार ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस रूट कई पैसेंजर ट्रेनें चल रही है, डिमांड के आधार पर इसे और बढ़ाया जाएगा।
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पटना रेलवे रूट पर जिले का अंतिम छोर पर बहोरा चंदेल स्टेशन हैं। यहां से आस पास के दो दर्जन से अधिक गांव के लोग आवागमन करते हैं। इसी तरह धीना रेलवे स्टेशन से भी प्रतिदिन लोग पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर खरीदारी करने जाते हैैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते रेलवे ने कई ट्रेनों कों बंद कर दिया। विशेष कर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या कम किए जाने से क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। वर्तमान में इस रूट पर पीडीडीयू दिलदारनगर पैसेंजर और पटना मेमू का संचालन हो रहा है। पूर्व में इस रूप पर लगभग आधा दर्जन पैसेंजर अप और डाउन में चलती थी। इससे लोग सुबह पंडि़त दीनदयाल उपाध्याय नगर जाकर देर शाम वापस लौट आते। इसी तरह यहां के लोग जमानियां दिलदारनगर भी चले जाते और वापस लौट आते।
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बहोरा चंदेल से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर की दूरी 39 किमी है जबकि दिलदारनगर 18 किमी दूर है। वर्तमान में दिलदारनगर पैसेंजर पीडीडीयू जंक्ध्शन से सुबह सवा छह बजे खुलकर सवा सात बजे सुबह बहोरा चंदेल पहुंचती है। वहीं पटना मेमू पीडीडीयू जंक्शन से दोपहर में ढाई बजे खुलकर 3.27 बजे बहोरा पहुंचती है। वहीं अप में दिलदारनगर पैसेंजर रात आठ बजे बहोरा पहुंचती है और रात पौने दस बजे पीडीडीयू जंक्शन पहुंचती है। वहीं पटना मेमू दोपहर 12.26 बजे बहोरा से खुलती है और दोपहर दो बजे पीडीडीयू जंक्शन पहुंचती है। बहोरा निवासी कृष्णानंद चौबे ने बताया कि बहोरा से पीडीडीयू जंक्शन की दूरी चालीस किमी है। ट्रेन से जाने से में मात्र दस रूपये खर्च होते हैं जबकि अन्य साधन से जाने में 50 से साठ रुपये खर्च होते हैं।
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कंजेहरा निवासी गुलाब यादव ने कहा कि निजी साधन से जाने में लगभग तीन घंटे लगते हैं जबकि ट्रेन से 45 मिनट का समय लगता। सिकठा निवासी राजीव रंजन ने कहा कि ट्रेन न होने से पहले असना अथवा धीना जाना पड़ता है। असना से सैयदराजा और धीना से कमालपुर पहुंचकर पीडीडीयू नगर पहुंचते हैं। इसमें अधिक समय लगता है। जलालपुर निवासी सन्नी सिंह ने कहा कि पूर्व में धीना में कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता था। इसे बंद करने से दिक्कत हो रही है। जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद इकबाल ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए लगातार ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इस रूट कई पैसेंजर ट्रेनें चल रही है, डिमांड के आधार पर इसे और बढ़ाया जाएगा।