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कहीं चुपके तो कहीं खुलेआम, कई वर्षों से बंद है परियोजनाओं का काम

Sun, 08 May 2022 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 12:42 AM IST
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Development work stopped after laying the foundation stone
पीडीडीयू नगर। जिले में आमजन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आरंभ की गई कई परियोजनाएं तमाम वजहों से ठप पड़ गई हैं। इनमें सड़क, स्वास्थ्य, स्कूल-कॉलेज सहित कई योजनाएं शामिल हैं। जोर-शोर से भव्य आयोजनों के बीच आरंभ की गई इन परियोजनाओं के बंद हो जाने से जनपद के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। जिले में आरंभ होकर बंद होने वाली प्रमुख परियोजनाओं में महेवा में ट्रामा सेंटर, रामगढ़ में बाबा कीनाराम जन्मस्थली का विकास कार्य, चंदासी से पड़ाव तक छह लेन की सड़क व बरहनी का सीएचसी शामिल हैं। इन सभी योजनाओं पर काम पांच साल या उससे पहले शुरू हुआ था पर वर्तमान में ठप है।
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पीडीडीयू नगर। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय की ओर से पांच वर्ष पूर्व एनएच के किनारे ट्रामा सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया था। योजना के तहत नियामताबाद विकासखंड के महेवा गांव में एनएच के किनारे ट्रामा सेंटर बनाने का कार्य वर्ष 2018 में आरंभ किया गया था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पूजा-पाठ के बीच ट्रामा सेंटर के निर्माण की आधारशिला भी रख दी थी। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम में अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, तत्कालीन मुगलसराय विधायक साधना सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह भी मौजूद थे। अभी चहारदीवारी बननी शुरू हुई ही थी निर्माण ठप हो गया। वर्तमान में ट्रामा सेंटर में गार्ड के रहने के लिए दो छोटे कमरे और आधी-अधूरी चहारदीवारी है। सेंटर की सारी जमीन झाड़-झंखाड़ और गंदगी से पटी है। जमीन पर पत्थर और बोल्डर फेंके हुए हैं।
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महेवा में बन रहे ट्रामा सेंटर का निर्माण वाराणसी ट्रामा सेंटर की ओर से किया जाना है। कार्य बंद होने की अभी जानकारी नहीं मिली है पर निर्माण आरंभ करने के लिए बात चल रही है। जैसे ही सहमति बनेगी, ट्रामा सेंटर का निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा।
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संजीव कुमार सिंह, जिलाधिकारी, चंदौली।
चहनिया। विकासखंड के रामगढ़ में प्रसिद्ध बाबा कीनाराम जन्मस्थली के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच दिसंबर 2021 को किया था। इसके चार माह बीत जाने के बावजूद अब तक टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं की जा सकी है। इससे जन्मस्थली का जीर्णोद्धार कार्य ठप है।
जन्मस्थली के जीर्णोद्धार के लिए 18.37 करोड़ की योजना को स्वीकृति मिली है। इस धन से जन्मस्थली में बहुउद्देशीय हॉल, सामुदायिम शौचालय, स्नान घर, पार्किंग, तालाब के किनारे पाथवे, पौधे और प्रकाश, कुएं का सुंदरीकरण, सभागार, विश्रामालय, लंगर हॉल, यात्री शेड और हवन कुंड आदि की व्यवस्था की जानी है। सभी निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। निगम की ओर से जनवरी 2022 में टेंडर निकाला गया लेकिन विधानसभा चुनाव को लेकर लगे आचार संहिता के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इसक बाद अभी तक दोबारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। इससे बाबा के भक्तों में निराशा है।
मुख्यमंत्री के शिलान्यास के बाद लगा था कि शीघ्र ही जन्मस्थली का जीर्णोद्धार हो जाएगा लेकिन चार माह बीत जाने के बाद टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की जा सकी है। अजीत सिंह, संयोजक, बाबा कीनाराम जन्मस्थली, रामगढ़।
कंदवा। वर्ष 2010 में प्रदेश सरकार ने बरहनी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण की स्वीकृति दी थी। चार करोड़ 21 लाख 38 हजार रुपये की लागत से सीएचसी का निर्माण शुरू हुआ तो क्षेत्रीय लोगों को लगा कि इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पूरी धनराशि खर्च कर दी गई पर भवन का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। सीएचसी भवन खंडहर की तरह खड़ा है।
सीएचसी का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में ही पूरा करना था लेकिन आज तक अधूरा है। इससे लोगों को बेहतर इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। विकास खंड के लोगों को बेहतर इलाज के लिए बरहनी में चार करोड़ 21 लाख 38 हजार रुपये की लागत से 30 बेड के सीएचसी का निर्माण होना था। इसमें मरीजों को भर्ती करने के साथ ही ओपीडी की व्यवस्था की जानी थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी। समय से तो कार्य शुरू हो गया लेकिन कार्य समय से पूरा नही हुआ। अधूरा निर्माण कर कार्यदायी संस्था ने शासन से जारी पूरी धनराशि भी खर्च कर दी और अस्पताल भी बनकर तैयार नहीं हो सका। बाद में शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्ता प्रबंधन और इंजीनियरों की टीम से निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई तो मानक का दूर- दूर तक पता नहीं चला। तब इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई और निर्माण निगम के अभियंताओं के खिलाफ कंदवा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। तब से पूरा मामला लटका हुआ है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी बरहनी डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि उनके पदभार ग्रहण करने से पूर्व से जांच प्रक्रिया चल रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन व विभाग के निर्देशानुसार कार्य किया जाएगा।
पीडीडीयू नगर। लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए पिछले वर्ष जीटी रोड के चंदासी से पड़ाव तक करीब आठ किलोमीटर सड़क को सिक्स लेन करने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो सका है। सड़क को सिक्स लेन करने को लेकर पूर्व विधायक साधना सिंह ने 31 जुलाई 2021 को विधिवत नारियल फोड़कर उद्घाटन किया था। छह करोड़ 21 लाख 32 हजार रुपये से बनने वाली सड़क का निर्माण उसी वर्ष नवंबर तक पूरा कर लिया जाना था। बावजूद इसके नौ माह बीत जाने के बाद भी सड़क के किनारे अतिक्रमण हटाना ही शुरू नहीं किया गया है।

चंदासी कोल मंडी से लेकर पड़ाव तक जीटी रोड के क्षतिग्रस्त होने व हमेशा उड़ने वाली धूल से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों की मांग व धरना प्रदर्शन के बाद शासन की ओर से सड़क के चौड़ीकरण की योजना को स्वीकृति मिली थी। लेकिन नौ माह बीत गये पर अभी तक तक कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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