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मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन
चंदौली ब्यूरो अमर उजाला
Updated Sun, 09 Apr 2017 01:39 AM IST
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कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा बाहर निकलने लगा है। नगर के रविनगर स्थित लक्ष्मी पब्लिक स्कूल में किताब खरीदने के बाद फिर से दूसरा किताब खरीदने के लिए दबाव बनाए जाने से नाराज होकर अभिभावकों ने शनिवार की सुबह अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान स्कूल परिसर में अभिभावकों और स्कूल के कर्मियों के बीच हाथापाई भी हुई। बाद में स्कूल प्रबंधन ने एनसीईआरटी का हवाला देकर अभिभावकों को शंत कराया।
अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले ही छात्रों को बुकलिस्ट थमा दी और किताब खरीदवा लिया। अभिभावकों ने निजी प्रकाशन की महंगी किताबें खरीद ली और स्कूल में पढ़ाई भी शुरू हो गई। इस बीच अचानक स्कूल प्रबंधन छात्रों को अब एनसीईआरटी की किताब खरीदने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अभिभावकों पर दोहरा दबाव बन रहा है।
इससे नाराज होकर अभिभावक शनिवार को स्कूल पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पहले ही स्कूल द्वारा महंगी फीस के अलावा निर्धारित दुकान से ड्रेस, किताब, बैग आदि खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। मजबूरी में अभिभावकों को बाजार से कई गुनी कीमत पर किताब, स्कूली ड्रेस आदि खरीदना पड़ता है। अब एक बार पैसे खर्च करने के बाद दूसरी किताब खरीदने के लिए पैसे कहां से आएंगे।
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इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने एनसीईआरटी के नए नियमों का हवाला देकर अभिभावकों को वापस किया। इस दौरान स्कूल कर्मी और अभिभावकों के बीच जमकर तूतू मैंमैं के बाद हाथापाई भी हुई। लोगों के बीच बचाव पर मामला शांत हुआ। इस संबंध में प्रधानाचार्य बिंदू प्रकाश सिंह ने बताया कि एनसीईआरटी के नए नियम के मुुताबिक अब स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही चलेगी। हालांकि स्कूल में पहले से ही सेलेबस तय हो गए थे और उससे ही पढ़ाई हो रही है। हम लोगों ने अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाया है।
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अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले ही छात्रों को बुकलिस्ट थमा दी और किताब खरीदवा लिया। अभिभावकों ने निजी प्रकाशन की महंगी किताबें खरीद ली और स्कूल में पढ़ाई भी शुरू हो गई। इस बीच अचानक स्कूल प्रबंधन छात्रों को अब एनसीईआरटी की किताब खरीदने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में अभिभावकों पर दोहरा दबाव बन रहा है।
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इससे नाराज होकर अभिभावक शनिवार को स्कूल पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि पहले ही स्कूल द्वारा महंगी फीस के अलावा निर्धारित दुकान से ड्रेस, किताब, बैग आदि खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। मजबूरी में अभिभावकों को बाजार से कई गुनी कीमत पर किताब, स्कूली ड्रेस आदि खरीदना पड़ता है। अब एक बार पैसे खर्च करने के बाद दूसरी किताब खरीदने के लिए पैसे कहां से आएंगे।
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इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने एनसीईआरटी के नए नियमों का हवाला देकर अभिभावकों को वापस किया। इस दौरान स्कूल कर्मी और अभिभावकों के बीच जमकर तूतू मैंमैं के बाद हाथापाई भी हुई। लोगों के बीच बचाव पर मामला शांत हुआ। इस संबंध में प्रधानाचार्य बिंदू प्रकाश सिंह ने बताया कि एनसीईआरटी के नए नियम के मुुताबिक अब स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही चलेगी। हालांकि स्कूल में पहले से ही सेलेबस तय हो गए थे और उससे ही पढ़ाई हो रही है। हम लोगों ने अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाया है।