फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Damage due to storm water, power supply stalled

आंधी-पानी से भारी नुकसान, जिलेभर की आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त

Mon, 11 May 2020 05:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2020 05:51 PM IST
विज्ञापन
Damage due to storm water, power supply stalled
पड़ाव के जलीलपुर चौकी के पास गिरा पेड़। - फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। चक्रवाती तूफान के चलते रविवार की देर रात आयी तेज आंधी और बारिश ने पीडीडीयू नगर सहित जिलेभर में भारी तबाही मचाई है। जगह-जगह बिजली के पोल उखड़ गए और तार टूट गए। जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। तेज आंधी के चलते नियामताबाद में राइस मिल की चिमनी भी टूटकर मेन लाइन पर गिरने से आपूर्ति बाधित हो गयी। घरों के टिन शेड उड़ गए, सैयदराजा में बाउंड्री की दीवार ढह गई और मकान तथा चंदौली कोतवाली में पेड़ गिरने से पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि लोगों की जान बच गयी। बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से रविवार की रात से लेकर सोमवार की देर रात तक लोग पेयजल के लिए परेशान रहे। इनवर्टर जवाब दे गया। मोबाइल डिस्चार्ज हो गए इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन

पड़ाव संवाददाता के अनुसार पुलिस चौकी जलीलपुर के पास तेज आंधी और पानी से नीम का पुराना पेड़ गिर गया। वहीं साहूपुरी से पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। हनुमानपुर में हाईटेंशन पोल टेड़ा हो गया है। साहूपुरी क्रासिंग के पास 33 हजार लाइन के चार खंभे धराशायी हो गए हैं। केबिल बाक्स भी जल गया है।
विज्ञापन

धानापुर संवाददाता के अनुसार बिजली आपूर्ति बाधित है। कई जगह पेड़ उखड़ गए। तेज आंधी से दुकान में लगे होर्डिंग्स व बैनर सहित बाहर लगी टिनशेड उड़ गये। आम के वृक्ष भी धराशाई हो गए। जिससे लोगों का भारी नुकसान हुआ है। शहाबगंज संवाददाता के अनुसार बिजली गिरने से रविवार की रात केरायगांव निवासी रामधीर यादव की भैंस की मौत हो गई। भुक्तभोगी ने राजकीय पशु चिकित्सक से पोस्ट मार्टम कराया और सहायता की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इलिया संवाददाता के अनुसार आंधी पानी से क्षेत्र में कहीं पेड़ गिरे हैं तो कहीं लोगों के टिनशेड उड़ गए हैं। वहीं बिजली भी क्षेत्र में पूरी तरह से गायब है जिससे अंधेरे में जीवन यापन लोग कर रहे हैं। क्षेत्र के 40 गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। सकलडीहा संवाददाता के अनुसार चार फीडरों से तकरीबन 100 गावों की आपूर्ति ठप है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सुबह से फाल्ट ढूंढने के साथ ही मरम्मत का काम भी शुरू कर दिए हैं। देर शाम तक आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। बबुरी संवाददाता के अनुसार बबुरी-धरौली मार्ग पर जरखोर गांव के पास पेड़ गिरने से मार्ग बाधित हो गया।
चहनिया संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के बरईपुर ग्राम सभा मे बनी गोशाला आंधी तूफान मे ढह गई। गोशाला में दबकर एक गाय की मौत हो गयी। ईट के खंभे भराभराकर गिर पड़े। टिनशेड उड़ जाने से गोशालाके पशु अब चिलचिलाती धूप मे रहने को बाध्य है। वहीं पिलर के गिरने से दबकर एक गाय भी मर गयी। गाँव के लोग पहुंचकर गोशाला को ठीक करने में जुटे रहे। दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार मलोखर गांव में एक नीम का पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर पड़ा। जिससे एक गरीब परिवार की मड़ई नुमा मकान के ऊपर आ गया। संयोग ठीक रहा कि उसमें सुरसती देवी, रणजीत प्रजापति, रामअवतार, लीलावती देवी, उषा कुमारी, रामजीत, सरोजा देवी, अजीत कुमार, गुंजन कुमारी बाल बाल बच गई।
बिहार बार्डर पर मेडिकल कैंप उड़ा, मकान पर गिरा पीपल का पेड़
सैयदराजा। थाना क्षेत्र के नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार की रात तेज गति से एक साथ आंधी तूफान व पानी आने से यूपी बिहार बार्डर पर नौबतपुर के पास कोरोना जांच के लिए बनाया गया अस्थायी मेडिकल और पुलिस का कैंप उड़ गया। सोमवार को क्षतिग्रस्त पक्के पुल के पश्चिम छोर पर कैँप बनाकर मेडिकल टीम व पुलिस को चेकिंग करने के लिए लगाया गया हैं। वहां अब बिहार की ओर से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।वहीं औराई गांव के मंजूर इदरीश के पुराने मकान पर पीपल का विशालकाय पेङ़ गया। जिससे मकान की छत टूटकर गिरने से उसमें बंधी गाय और उसके पेट में बछड़े की मौत हो गई। गनीमत रही कि उस मकान में कोई नहीं था। वहीं बरठी कमरौर गांव के राजबहादुर पाण्डेय का कच्चा मकान ढह गया। संयोग ठीक था कि जब आंधी आई तो लोग घर से बाहर निकल आए। बड़ा हादसा होने से बच गया। वहीं तेजोपुर गांव में लक्ष्मण सिंह की बाउंड्री की दीवार ढह गई। बिजली आपूर्ति भी ठप है। बिजली विभाग के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि आंधी तूफान व पानी से कई बिजली के खंभे गिरे है। पोल और तार पर पेड़ भी गिरे हैं। जिसे ठीक करने का काम किया जा रहा है। देर शाम तक बिजली सप्लाई सुचारू रूप से चालू कर दी जाएगी।
टिनशेड उड़ा, पिता-पुत्र सहित तीन घायल
कंदवा/धीना। क्षेत्र में आंधी तूफान से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। अमड़ा विद्युत उपकेंद्र के छह फीडरों से जुड़े 120 गांवों की विद्युत आपूर्ति रात से ही गुल है। वहीं अरंगी गांव में तेजू बिंद के सीमेंट शेड पर एक्यूलिप्ट्स का पेड़ गिरने से 20 सीमेंट के शेड चकनाचूर हो गए और उनको काफी चोट आई है। तेजू की पत्नी लालमनी और पुत्र अक्षय को भी हल्की चोटें आई हैं। अमड़ा गांव में बब्बन सिंह के पम्पिंग सेट पर ट्रांसफार्मर रखने के लिए लगे दो पोल भी गिर गये। करौती गांव में अजय पांडेय, मंगला पांडेय और किशोर चौधरी का सीमेंट शेड गिर कर क्षतिग्रस्त हो गया तो बलराज चौधरी, कन्हैया शर्मा, सुनील शर्मा, सुरेंद्र प्रजापति और वंशनरायन शर्मा की झोपड़ियां जमींदोज हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट को ठीक करने में दिनभर जुटे हुए हैं।
इसी तरह धीना क्षेत्र के विकास खंड बरहनी अंतर्गत स्थित ग्राम सभा खझरा में दो लोगों का कच्चा मकान, करकट नुमा घर रविवार की रात्रि आये आंधी, तेज बारिस तूफान की भेंट चढ़ गया। खझरा गाँव निवासी विनोद राम का मिट्टी की दीवाल पर रखा सीमेंट सीट करकट नुमा मकान उड़कर क्षतिग्रस्त हो गय।। वहीं दूसरी तरफ राम सेवक बिन्द का कच्चा मकान गिर गया 7दोनों का घर में रखा सारा सारा खाद्य सामग्री, बिस्तर बर्बाद हो गया 7अब वे खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। संयोग अच्छा रहा कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। विनोद राम उनकी पत्नी उर्मिला देवी, चार बच्चों में तीन पुत्र संदीप, सोनू, सूरज, बेटीमोहनी तथा राम सेवक बिन्द उनकी पत्नी अतवारी देवी, पुत्र आनंद, दो अर्चना, रूबी है। पीड़ितों का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। समाज सेवी श्यामधर मिश्रा और गुलाब मिश्रा ने दोनों परिवारों को सहयोग कर खण्ड विकास अधिकारी बरहनी को घटना से अवगत कराया है और सहायता देने की मांग की है। कानूनगो और लेखपाल ने पहुंचकर क्षति का आंकलन किया है।

मिल्कीपुर में गंगा में सात नाव डूबी
नियामताबाद। तेज आंधी पानी से मिल्कीपुर गांव में सात नावें गंगा नदी में डूब गई। नाविक नाव बांधकर किनारे घर पर थे। आंधी आने पर नाव को देखने पहुंचे तो नावें डूब चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने रामचंद्र साहनी, प्रभु साहनी व लक्ष्मण साहनी की नावों को नदी से बाहर निकाला। जबकि नावों के जाल, पटरा, बासा, पतवार डूब गए। वहीं श्यामलाल साहनी, घिस्सन साहनी, मुन्नालाल व गंगाराम साहनी की नावें नहीं मिल पाईं। ग्रामप्रधान भाईराम साहनी ने जिला प्रशासन से पीड़ित नाविकों को मुआवजा दिए जाने की मांग की है। गांव स्थित एक राईस मिल की चिमनी गिरने से बिजली विभाग की ग्यारह हजार की मेन लाईन दो खम्भे टूट कर गिर गए। तेज आधी के दौरान प्यारे विन्द के दुकान के आगे गिरे चिमनी की चपेट मे आकर सीमेंट का शेड ध्वस्त हो गया। संयोग अच्छा था जिस समय चिमनी गिरी वह दुकान के अंदर था और बाल-बाल बच गया। आपूर्ति ठप होने से 70 गांव में अंधेरा छाया हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed