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जेवरात की दूकानों पर भीड़
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Tue, 10 May 2016 01:25 AM IST
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गहनों की खरीदारी करते लोग।
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स्वयं सिद्ध मुहुर्त अक्षय तृतीय पर अक्षय लाभ के लिए लोगों ने खूब खरीददारी की। सर्वाधिक खरीददारी सोने चांदी के जेवरात की हुई। पूरे जिले में सोमवार को लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य के जेवरात की खरीद हुई। पिछले दिनों केंद्र की नीतियों के विरोध में एक माह तक चले स्वर्ण व्यवसायियों के हड़ताल के बाद यह पहला मौका था जब अच्छी खरीददारी हुई।
वर्ष में तीन मुहुर्त ऐसे होते हुए जो स्वयं सिद्ध होते हैं। अक्षय तृतीय भी स्वयं सिद्ध मुहुर्त माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन शादी विवाद आदि भी खूब होते हैं। यही नहीं मान्यता है कि इस दिन किया गया दान पुण्य अथवा खरीददारी अक्षय होता है। इसी वजह से इस दिन कुछ न कुछ खरीदा जाता है। इस वर्ष शुक्र अस्त होने की वजह से शादी विवाह तो नहीं हुए लेकिन बाजार में हलचल रही। दो दिन पूर्व सोने के भाव में तेजी आयी थी लेकिन इसका भी असर खरीददारी पर नहीं हुआ। मुगलसराय में सोमवारकी बंदी के बावजूद स्वर्ण आभूषण के दूकान खुले और ग्राहक पहुुंचे। आभूषण व्यवसायी संघ के सदस्य रामानंद सेठ के अनुसार लगन समाप्ति के बाद यह पहला मौका था जब आभूषण की दुकान पर ग्राहक पहुंचे।
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वर्ष में तीन मुहुर्त ऐसे होते हुए जो स्वयं सिद्ध होते हैं। अक्षय तृतीय भी स्वयं सिद्ध मुहुर्त माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन शादी विवाद आदि भी खूब होते हैं। यही नहीं मान्यता है कि इस दिन किया गया दान पुण्य अथवा खरीददारी अक्षय होता है। इसी वजह से इस दिन कुछ न कुछ खरीदा जाता है। इस वर्ष शुक्र अस्त होने की वजह से शादी विवाह तो नहीं हुए लेकिन बाजार में हलचल रही। दो दिन पूर्व सोने के भाव में तेजी आयी थी लेकिन इसका भी असर खरीददारी पर नहीं हुआ। मुगलसराय में सोमवारकी बंदी के बावजूद स्वर्ण आभूषण के दूकान खुले और ग्राहक पहुुंचे। आभूषण व्यवसायी संघ के सदस्य रामानंद सेठ के अनुसार लगन समाप्ति के बाद यह पहला मौका था जब आभूषण की दुकान पर ग्राहक पहुंचे।
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