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बारिश से फसलें बर्बाद, किसान परेशान
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सचित्र-सकलडीहा। होली के मौके पर हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों के अनुसार बारिश और ओलावृष्टि से 70 फीसदी तक गेहूं, मसूर, मटर, सरसो, तीसी सहित पूूरी तरफ फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई । दूसरी तरफ प्रशासन मात्र 33 प्रतिशत ही फसलों का नुकसान बता रहा है।
सकलडीहा तहसील में सकलडीहा, चहनियां और धानापुर ब्लाक है। सकलडीहा ब्लाक में 599 हेक्टेयर में दलहन और तिलहन तथा 14685 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। इसी तरह धानापुर में 1064 हेक्टेयर में दहनल और 12725 हेक्टेयर में गेहूं तथा चहनियां ब्लाक में 724 हेक्टेयर में दलहन तथा 10978 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। इस तरह तहसील में 38438 हेक्टेयर में गेहूं और 2387 हेक्टेयर में दलहन की फसल बोई गई थी। तीन दिनों तक ओलावृष्टि और बारिश से दलहन, गेहूं के साथ सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों के अनुसार अधिकतर किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है। खरीफ की फसल असमय बारिश से बर्बाद होने के बाद रबी की खेती पर आस थी लेकिन इसमें भी बारिश ने किसानों को बर्बाद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस संबंध में तहसीलदार डॉ. वंदना मिश्र ने बताया कि फसलों का 33 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि अभी सर्वे कराया जा रहा है। शासन के निर्देश के आधार पर बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों की बात-
01. किसानों की फसल का नुकसान हुआ है लेकिन तहसील के अधिकारी तहसील में बैठक कर रिपोर्ट बना रहे हैं। इससे किसानो को नुकसान हो रहा है।
हरखु यादव शिवपुर
02. असमय हुई बारिश से गेहूं के साथ सब्जियों और दहलन की फसलों का नुकसान हुआ है। हर बार प्रशासन मुआवजा की बात करता है लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है।
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चंद्रमा यादव कम्हारी
03. पहले प्रकृति ने किसानों के साथ क्रूर मजाक किया है अब प्रशासन लापरवाही कर रहा है। जो फसल बर्बाद हुई है उसकी सही रिपोर्ट भी नहीं ले पा रहा है। जिना कम नुकसान हुआ है उनका और जिनका अधिक नुकसान हुआ है, उसे एक पलड़े में तोला जा रहा है।
त्रिलोकी सिंह नागनपुर
04. गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बद हो चुकी है। खड़ी गेेहूं की फसल खेतों में लोट गई है। लेखपाल गांव में आना भी उचित नहीं समझते हैं। ऐसे में सही आकलन मुश्किल है।
लल्लन सिंह बरठी
05. अधिकतर किसानों ने कर्ज के सहारे खेती की है, अब फसलों के नुकसान होने के बाद कहां जाएं समझ में नहीं आ रहा है। जो गेहूं की फसल बर्बाद हुइ है, उसका सही मुआवजा मिलना चाहिए।
शिवशकल बलारपुर
06. गेहूं की फसल बर्बाद हुई है, उसके कारण किसान परेशान हैं। किसानों को राहत के नाम पर प्रशासन छलावा कर रहा है जिससे परेशानी हो रही है।
शशिकांत पांडेय तेनुअट
07. बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मसूर, सरसो की फसल को नुकसान हुआ है। लेकिन तहसील अधिकारी उसे कम से कम बता रहे हैं।
अरविंद मिश्र पदुमनाथपुर
08. किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उस पर तहसील प्रशासन को किसान से मिलकर नुकसान की जानकारी लेनी चाहिए। ना कि तहसील में अथवा कार्यालय में बैठक कर कागजी काम करना चाहिए।
प्रेमशंकर रस्तोगी सकलडीहा
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सकलडीहा तहसील में सकलडीहा, चहनियां और धानापुर ब्लाक है। सकलडीहा ब्लाक में 599 हेक्टेयर में दलहन और तिलहन तथा 14685 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। इसी तरह धानापुर में 1064 हेक्टेयर में दहनल और 12725 हेक्टेयर में गेहूं तथा चहनियां ब्लाक में 724 हेक्टेयर में दलहन तथा 10978 हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई गई है। इस तरह तहसील में 38438 हेक्टेयर में गेहूं और 2387 हेक्टेयर में दलहन की फसल बोई गई थी। तीन दिनों तक ओलावृष्टि और बारिश से दलहन, गेहूं के साथ सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। किसानों के अनुसार अधिकतर किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है। खरीफ की फसल असमय बारिश से बर्बाद होने के बाद रबी की खेती पर आस थी लेकिन इसमें भी बारिश ने किसानों को बर्बाद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इस संबंध में तहसीलदार डॉ. वंदना मिश्र ने बताया कि फसलों का 33 प्रतिशत नुकसान हुआ है। हालांकि अभी सर्वे कराया जा रहा है। शासन के निर्देश के आधार पर बर्बाद फसलों का मुआवजा दिया जाएगा।
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किसानों की बात-
01. किसानों की फसल का नुकसान हुआ है लेकिन तहसील के अधिकारी तहसील में बैठक कर रिपोर्ट बना रहे हैं। इससे किसानो को नुकसान हो रहा है।
हरखु यादव शिवपुर
02. असमय हुई बारिश से गेहूं के साथ सब्जियों और दहलन की फसलों का नुकसान हुआ है। हर बार प्रशासन मुआवजा की बात करता है लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है।
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चंद्रमा यादव कम्हारी
03. पहले प्रकृति ने किसानों के साथ क्रूर मजाक किया है अब प्रशासन लापरवाही कर रहा है। जो फसल बर्बाद हुई है उसकी सही रिपोर्ट भी नहीं ले पा रहा है। जिना कम नुकसान हुआ है उनका और जिनका अधिक नुकसान हुआ है, उसे एक पलड़े में तोला जा रहा है।
त्रिलोकी सिंह नागनपुर
04. गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बद हो चुकी है। खड़ी गेेहूं की फसल खेतों में लोट गई है। लेखपाल गांव में आना भी उचित नहीं समझते हैं। ऐसे में सही आकलन मुश्किल है।
लल्लन सिंह बरठी
05. अधिकतर किसानों ने कर्ज के सहारे खेती की है, अब फसलों के नुकसान होने के बाद कहां जाएं समझ में नहीं आ रहा है। जो गेहूं की फसल बर्बाद हुइ है, उसका सही मुआवजा मिलना चाहिए।
शिवशकल बलारपुर
06. गेहूं की फसल बर्बाद हुई है, उसके कारण किसान परेशान हैं। किसानों को राहत के नाम पर प्रशासन छलावा कर रहा है जिससे परेशानी हो रही है।
शशिकांत पांडेय तेनुअट
07. बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, मसूर, सरसो की फसल को नुकसान हुआ है। लेकिन तहसील अधिकारी उसे कम से कम बता रहे हैं।
अरविंद मिश्र पदुमनाथपुर
08. किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उस पर तहसील प्रशासन को किसान से मिलकर नुकसान की जानकारी लेनी चाहिए। ना कि तहसील में अथवा कार्यालय में बैठक कर कागजी काम करना चाहिए।
प्रेमशंकर रस्तोगी सकलडीहा