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दुर्घटना में मौत पर लगाया जाम
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Mon, 28 Mar 2016 01:23 AM IST
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बालक की मौत के बाद जाम लगाते ग्रामीण।
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कोतवाली क्षेत्र के चकिया-अहरौरा मार्ग पर रविवार रघुनाथपुर ग्राम सभा के पिपरहट दलित बस्ती के सामने पूर्वाह्न 11 बजे ट्रक की चपेट में आकर गांव के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसके साथ चल रही बालिका गंभीर रूप से जख्मी हो गई।
उसे इलाज के लिए संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। दूसरी तरफ घटना से नाराज लोगों ने मुआवजा की मांग करते हुए चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
चकिया अहरौरा मुख्य मार्ग के किनारे बसे गांव के दलित बस्ती के रहवासी विजय बहादुर का पुत्र रोहित (5) और रामसूरत की पुत्री उषा (8) रविवार की सुबह खेल रही थी। दोनों पूर्वाह्न 11 बजे से खेलते खेलते सड़क पर पहुंच गए और सड़क पार करने लगे। इसी बीच तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने दोनों को कुचल दिया।इससे रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऊषा गंभीर रूप से जख्मी होकर छटपटाने लगी। घटना के बाद जब तक लोग जुटते ट्रक चालक वाहन छोड़ कर भाग निकला। इस घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ो लोगों की भीड़ सड़क पर जुट गई। ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इससे वाहनों का आवागमन रुक गया। सूचना पाकर चकिया कोतवाल आनंद कुमार सिंह दल बल के साथ पहुंचे व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मुआवजा मिलने तक डटे रहने की चेतावनी दी। दोपहर बारह बजे मौके पर पहुंचे तहसीलदार चकिया राकेश सिंह ने परिवार वालों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। बाद में पुलिस ने रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रक को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आयी। पुलिस ने जख्मी ऊषा को चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख अन्यत्र रेफर कर दिया।
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उसे इलाज के लिए संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। दूसरी तरफ घटना से नाराज लोगों ने मुआवजा की मांग करते हुए चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने ग्रामीणों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
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चकिया अहरौरा मुख्य मार्ग के किनारे बसे गांव के दलित बस्ती के रहवासी विजय बहादुर का पुत्र रोहित (5) और रामसूरत की पुत्री उषा (8) रविवार की सुबह खेल रही थी। दोनों पूर्वाह्न 11 बजे से खेलते खेलते सड़क पर पहुंच गए और सड़क पार करने लगे। इसी बीच तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने दोनों को कुचल दिया।इससे रोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ऊषा गंभीर रूप से जख्मी होकर छटपटाने लगी। घटना के बाद जब तक लोग जुटते ट्रक चालक वाहन छोड़ कर भाग निकला। इस घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ो लोगों की भीड़ सड़क पर जुट गई। ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इससे वाहनों का आवागमन रुक गया। सूचना पाकर चकिया कोतवाल आनंद कुमार सिंह दल बल के साथ पहुंचे व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण मुआवजा मिलने तक डटे रहने की चेतावनी दी। दोपहर बारह बजे मौके पर पहुंचे तहसीलदार चकिया राकेश सिंह ने परिवार वालों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। बाद में पुलिस ने रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रक को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आयी। पुलिस ने जख्मी ऊषा को चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख अन्यत्र रेफर कर दिया।
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