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थम नहीं रहा नशे का कारोबार
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:25 AM IST
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जिले में नशे का अवैध कारोबार काफी तेजी से फलफूल रहा है। मुगलसराय,चंदौली और आसपास के जिलों में अफीम और हेरोइन , गांजा जैसे मादक पदार्थों की तस्करी का हब बन चुका है। तस्कर बिहार से मादक पदार्थों की खेप लेकर मुगलसराय स्टेशन पहुंचते हैं और यहां से अन्य जनपदों को भेजते हैं। पिछले एक वर्ष में मुगलसराय जीआरपी तकरीबन पांच करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन बरामद कर चुकी है। वहीं जनपद में अवैध देशी शराब पीकर हुई पांच मौतों के मामले भी सामने आए थे।
जिल में रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नशे का कारोबार नगर के गली चौराहे तक फैला हुआ है। काली महाल आज भी हेरोइन की तस्करी के हब के रूप में जाना जाता है।
यहां से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में सप्लाई की जाती रही है। मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर छह माह के भीतर एक करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी शराब भी पकड़ी जा चुकी है जो इस ओर इशारा कर रही है कि नगर में शराब की खपत बेहिसाब है।
जिले में लोगों को नशा मुक्ति के लिए जागरूक करने के लिए न तो कोई सरकारी विभाग काम करता है और नहीं कोई एनजीओ अथवा सामाजिक संस्था काम कर रही है। इसके चलते लोगों में नशे की लत बढ़ती जा रही है।
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जिल में रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नशे का कारोबार नगर के गली चौराहे तक फैला हुआ है। काली महाल आज भी हेरोइन की तस्करी के हब के रूप में जाना जाता है।
यहां से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में सप्लाई की जाती रही है। मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर छह माह के भीतर एक करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी शराब भी पकड़ी जा चुकी है जो इस ओर इशारा कर रही है कि नगर में शराब की खपत बेहिसाब है।
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जिले में लोगों को नशा मुक्ति के लिए जागरूक करने के लिए न तो कोई सरकारी विभाग काम करता है और नहीं कोई एनजीओ अथवा सामाजिक संस्था काम कर रही है। इसके चलते लोगों में नशे की लत बढ़ती जा रही है।
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