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एआरटीओ के अभियान की धज्जियां उड़ा रहे संगठित गिरोह
Updated Fri, 13 Oct 2017 12:51 AM IST
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मुगलसराय। बालू खनन का कार्य शुरू होने के बाद हाइवे पर गुजरने वाले ओवर लोड वाहनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इनको जनपद की सीमा पार कराने वाले गिरोह भी काफी सक्रिय हैं जो परिवहन कर्मियों की मिली भगत के बाद ट्रक चालकों को एआरटीओ का लोकेशन लेने के बाद उन्हें जानकारी देते हैं और इसके एवज में प्रति ट्रक रकम भी वसूलते हैं। जबकि परिवहन विभाग द्वारा ओवर लोड वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
बालू और पत्थर की खदानों को चालू होते ही एक बार फिर से ओवर लोडिंग वाहनों का सिलसिला जारी हो गया है। इसे रोकने और जुर्माना वसूलने के लिए चंदौली, मिर्जापुर और वाराणसी के एआरटीओ संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। लेकिन परिवहन विभाग के लाख प्रयास के बाद भी ओवर लोड ट्रकों के संचालन में कोई कमी होती नहीं दिख रही है। इसके पीछे हाइवे पर ट्रकों को एआरटीओ का लोकेशन देने वाले कुछ गिरोह के सदस्यों को माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि एआरटीओ के कुछ कर्मी इस गिरोह के सदस्यों के संपर्क में रहते हैं और इसकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। जिसके बाद लोकेशन देने वाले गिरोह ट्रकों के चालकों को मोबाइल से संपर्क करके उनको जानकारी देते रहते हैं। सूत्रों की मानें तो लोकेशन देने वाले गिरोह के सदस्य ट्रकों को पास कराने के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये वसूलते हैं। इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि हाइवे पर अवैध रूप से ट्रकों को लोकेशन देने वाले कई लोगों को चिह्नित किया गया है। बहुत जल्द ही उनके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर कार्यवाई हेतु पुलिस के पास भेजा जाएगा।
बालू और पत्थर की खदानों को चालू होते ही एक बार फिर से ओवर लोडिंग वाहनों का सिलसिला जारी हो गया है। इसे रोकने और जुर्माना वसूलने के लिए चंदौली, मिर्जापुर और वाराणसी के एआरटीओ संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। लेकिन परिवहन विभाग के लाख प्रयास के बाद भी ओवर लोड ट्रकों के संचालन में कोई कमी होती नहीं दिख रही है। इसके पीछे हाइवे पर ट्रकों को एआरटीओ का लोकेशन देने वाले कुछ गिरोह के सदस्यों को माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि एआरटीओ के कुछ कर्मी इस गिरोह के सदस्यों के संपर्क में रहते हैं और इसकी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। जिसके बाद लोकेशन देने वाले गिरोह ट्रकों के चालकों को मोबाइल से संपर्क करके उनको जानकारी देते रहते हैं। सूत्रों की मानें तो लोकेशन देने वाले गिरोह के सदस्य ट्रकों को पास कराने के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये वसूलते हैं। इस संबंध में एआरटीओ प्रवर्तन विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि हाइवे पर अवैध रूप से ट्रकों को लोकेशन देने वाले कई लोगों को चिह्नित किया गया है। बहुत जल्द ही उनके खिलाफ रिपोर्ट बनाकर कार्यवाई हेतु पुलिस के पास भेजा जाएगा।
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