{"_id":"5c1beb47bdec2256ba1d7bb6","slug":"171545333575-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंबी तलाश के बाद मिला नाविक का शव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लंबी तलाश के बाद मिला नाविक का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धानापुर। थाना के रामपुर दीया गांव में गंगा में डूबे नाविक मोहन निषाद का शव गुरुवार को लंबी तलाश के बाद मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नाविक का शव मिलते ही परिवार वालों में शोक की लहर दौड़ गई।
नरौली गांव निवासी मोहन निषाद (40) साथियों संग बुधवार को रामपुर दीया गांव में मछली मारने गया था। जाल डालने के एक घंटे बाद मछली निकालने के लिए वह गंगा में कूदा था लेकिन बाहर नहीं निकल सका। काफी देर तक उसके बाहर न निकलने पर साथियों को चिंता हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। साथी मछुआरों ने मोहन की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। शाम होने की वजह से पुलिस ने गुरुवार के तलाश करने की बात कहीं। गुरुवार की सुबह नरौली के सैकड़ों मल्लाह घाट पर पहुंच गए और गंगा में जाल डाल कर ढूंढना शुरू किया। घंटों की तलाश के बाद दोपहर एक बजे बजे मोहन का निषाद बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने के साथ ही गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। परिजनों का रो -रो कर हाल बेहाल हो गया।
विज्ञापन
नरौली गांव निवासी मोहन निषाद (40) साथियों संग बुधवार को रामपुर दीया गांव में मछली मारने गया था। जाल डालने के एक घंटे बाद मछली निकालने के लिए वह गंगा में कूदा था लेकिन बाहर नहीं निकल सका। काफी देर तक उसके बाहर न निकलने पर साथियों को चिंता हुई तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया। परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए। साथी मछुआरों ने मोहन की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। शाम होने की वजह से पुलिस ने गुरुवार के तलाश करने की बात कहीं। गुरुवार की सुबह नरौली के सैकड़ों मल्लाह घाट पर पहुंच गए और गंगा में जाल डाल कर ढूंढना शुरू किया। घंटों की तलाश के बाद दोपहर एक बजे बजे मोहन का निषाद बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने के साथ ही गांव में शोक की लहर दौड़ गयी। परिजनों का रो -रो कर हाल बेहाल हो गया।
विज्ञापन