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कोलकाता से भाई और पत्नी पहुंचे मुगलसराय
Updated Mon, 21 May 2018 12:52 AM IST
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कंपनी के लोग
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मुगलसराय। स्थानीय रेलवे मालगोदाम में प्राइवेट कंपनी के टेक्निकल इंचार्ज की हुई हत्या के बाद रविवार को उसका पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय में कराया गया। इस दौरान मृतक सपन के कंपनी के कई अधिकारी व उसके परिवार के लोग मौके पर मौजूद रहे। वहीं सपन की हत्या के बाद कोलकाता से उसके छोटे भाई तपन और पत्नी नंदिता एवं परिवार के अन्य सदस्य भी रविवार की सुबह मुगलसराय पहुंच गए और पोस्टमार्टम के बाद को शव को लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गये
कोलकाता का रहने वाला सपन डे अपने पांच भाईयों में तीसरे नंबर पर था। परिवार में सबसे मिलनसार सपन के व्यवहार से हर कोई हमेशा खुश रहता था। सपन की 14 वर्ष पूर्व नंदिता देव से विवाह हुआ था। उसकी नौ साल की सुभेच्छा बेटी भी है। बेटी कोलकाता में ही है। शनिवार को सपन डे की हत्या के बाद से परिवार वालों के साथ कंपनी के अधिकारी भी सकते में है। घटना की सूचना मिलने के बाद रविवार को कंपनी के साइट कंट्रोलर सुशांतनु, सपन की पत्नी नंदिता देव व उसके भाई तपन डे व अन्य अधिकारियों के साथ मुगलसराय पहुंचे। जहां उन्होंने रविनगर स्थित फ्लैट में पहुंचकर गार्ड व अन्य कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद लोग पोस्टमार्टम हाउस के रवाना हो गए। जहां सपन का पोस्टमार्टम करने के बाद शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। परिवार वाले शव लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गये। इसके बाद उसे कोलकाता ले जाने की तैयारी में लोग जुटे रहे।
मालगोदाम में दिनभर पसरा रहा सन्नाटा
मुगलसराय। मालगोदाम में घटना के अगले दिन रविवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी मजदूर काम पर नहीं आया। जहां सामान्य दिनों में मालगोदाम में खटर-पटर की आवाज गूंजती थी रविवार को वहां पूरा सूना था। शनिवार की शाम को गोलियों की तड़तड़ाहट से सब कुछ शांत रहा। घटना के बाद से क्षेत्र में सन्नाटा फैला हुआ है। क्षेत्र आरपीएफ कालोनी से होकर आगे जाने वाले हर राहगीर की निगाह एक बार मालगोदाम की ओर घूम ही जा रही थी। हर कोई यह जानने में लगा था कि इस शांत इलाके में कैसे गोली चली और हत्या कर दी गई।
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विभिन्न जिलों में पुलिस दे रही है दबिश
मुगलसराय (ब्यूरो )। रेलवे मुगलसराय के यार्ड में स्थित मालगोदाम में जिस तरह से हौसलाबुलंद अपराधियों के वारदात करने के बाद से पूरा इलाका सहमा हुआ है। हत्या की गुत्थी को सुलझाने और हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें आसपास के जिलों में दबिश दे रही है। एसपी संतोष सिंह ने इसके लिए चार टीमें गठित की है। सभी टीमें बदमाशों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
आखिर नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था सपन
सपन ने कुछ दिनों पूर्व पत्नी से कही थी नौकरी में मन नहीं लगने की बात
अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेलवे मालगोदाम स्थित प्राइवेट कंपनी के टेक्निकल हेड की हुई हत्या के पीछे कारणों को हर कोई जानना चाहता है। मृतक सपन का शव लेने रविवार को कोलकाता से मुगलसराय पहुंचे परिवार वालों के अनुसार वह कुछ दिनों से परेशान था और नौकरी छोड़ना चाहता था। बेहतर सुविधा और अच्छी तनख्वाह के बाद भी आखिरकार सपन नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था।
दिसंबर 2015 में कंपनी को कार्य का ठेका मिलने के बाद सपन मुगलसराय आया था। जहां कंपनी की ओर से उसे नगर के रविनगर स्थित एक अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर दिया गया था। इसमें कंपनी के कुछ और कर्मचारी रहते थे। मृतक सपन के भाई तपन डे ने बताया कि कंपनी की ओर से उसे सभी सुविधाएं मिल रही थीं। उसका व्यवहार अपने मातहत कार्य करने वालों के प्रति भी काफी अच्छा था। मृतक के भाई के अनुसार घटना के बाद जब उसने सपन की पत्नी नंदिता देव से पूछा तो उसने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सपन काफी परेशान था और नौकरी में मन नहीं लगने के चलते काम छोड़ने की बात कही थी। यही बात परिवार वालों को परेशान कर रही है कि आखिर वह नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था।
टेक्निकल इंचार्ज की हत्या करने वाले थे पेशेवर
नक्सली दस्तक के बाद से पुलिस की सक्रियता के चलते ऐसी घटनाएं में आई थी कमी
कमलजीत सिंह/अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। रेलवे की सुरक्षा के पहरेदारों वाली आरपीएफ कालोनी स्थित माल गोदाम पर डैमेज वैगन मरम्मत कार्य में लगी निजी एजेंसी के टेक्निकल इंचार्ज को गोली मारकर की गई हत्या मामले में पुलिस को अभी तक कुछ खास सुराग हाथ नहीं लग सका है। टेक्निकल इंचार्ज की दिन दहाड़े जिस अंदाज में पता पूछने और नमस्ते करने के बाद हत्या की गई उससे पुलिस आशंका जता रही है कि किसी खास गिरोह और पेशेवर हत्यारों का काम हो सकता है। हाल ही के दिनों में रामनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में बदमाशों ने धमकी देने के साथ एक कंपनी कार्यालय पर फायरिंग की थी। इसके बाद से चर्चा तेज हो गई कि कहीं जिले में संगठित अपराध की पौध तो फिर से नहीं पनपने लगी।
हालांकि चंदौली जिले में कोयले और लोहे की जंग काफी पहले से चली आ रही है लेकिन जिले में नक्सली धमक के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो इस तरह की घटनाओं में भी कमी आई। लेकिन अब फिर अपराध बढ़ने लगा है। चर्चा यह भी है कि रेलवे में ठेकेदारी का वर्चस्व व वसूली भी हत्या का कारण हो सकता है। इसका कारण वहां से रोजाना निकलने वाले लाखों रुपये के स्क्रैब भी माना जा रहा।
सन 2015 में शुरू हुए बोगी मरमम्त कार्य से ही वर्चस्व की बुनियाद पड़ गई थी। बताया जाता है कि बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड के कार्य लेने के साथ ही ठेकेदारी का नया ट्रेंड शुरू हो गया। बड़ी कम्पनी ठेके लेकर उस जगह अपनी नजदीकी फर्मों को कार्य देकर मुनाफा कमा रही हैं। इस कंपनी का ककार्य कोलकाता निवासी सपन डे देखता था। काम में मजदूरों की आवश्यकता के लिए पांच ठेकेदारों ने मजदूरों की सप्लाई का ठेका भी ले रखा था।
चर्चा है कि घालमेल करने की नियत से पिछले दिनों डाउन यार्ड में आग लगा दी गई थी। जिसको लेकर टेक्निकल इंचार्ज से कुछ कहा सुनी भी हुई थी। 19 मई की दोपहर में असलहों से लैस होकर आए चार बदमाशों के आना और घटना को अंजाम देकर आसानी से निकल जाना, पुलिस इसे किसी बड़े गिरोह का हाथ मानकर छानबीन में जुटी है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, इससे आशंका है कि हत्यारे पेशेवर हो सकते हैं। इसके लिए चार टीमें गठित की गई हैं। जल्द हत्यारेे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
कोलकाता का रहने वाला सपन डे अपने पांच भाईयों में तीसरे नंबर पर था। परिवार में सबसे मिलनसार सपन के व्यवहार से हर कोई हमेशा खुश रहता था। सपन की 14 वर्ष पूर्व नंदिता देव से विवाह हुआ था। उसकी नौ साल की सुभेच्छा बेटी भी है। बेटी कोलकाता में ही है। शनिवार को सपन डे की हत्या के बाद से परिवार वालों के साथ कंपनी के अधिकारी भी सकते में है। घटना की सूचना मिलने के बाद रविवार को कंपनी के साइट कंट्रोलर सुशांतनु, सपन की पत्नी नंदिता देव व उसके भाई तपन डे व अन्य अधिकारियों के साथ मुगलसराय पहुंचे। जहां उन्होंने रविनगर स्थित फ्लैट में पहुंचकर गार्ड व अन्य कर्मचारियों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद लोग पोस्टमार्टम हाउस के रवाना हो गए। जहां सपन का पोस्टमार्टम करने के बाद शव उसके परिवार वालों को सौंप दिया गया। परिवार वाले शव लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गये। इसके बाद उसे कोलकाता ले जाने की तैयारी में लोग जुटे रहे।
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मालगोदाम में दिनभर पसरा रहा सन्नाटा
मुगलसराय। मालगोदाम में घटना के अगले दिन रविवार को दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। कोई भी मजदूर काम पर नहीं आया। जहां सामान्य दिनों में मालगोदाम में खटर-पटर की आवाज गूंजती थी रविवार को वहां पूरा सूना था। शनिवार की शाम को गोलियों की तड़तड़ाहट से सब कुछ शांत रहा। घटना के बाद से क्षेत्र में सन्नाटा फैला हुआ है। क्षेत्र आरपीएफ कालोनी से होकर आगे जाने वाले हर राहगीर की निगाह एक बार मालगोदाम की ओर घूम ही जा रही थी। हर कोई यह जानने में लगा था कि इस शांत इलाके में कैसे गोली चली और हत्या कर दी गई।
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मुगलसराय (ब्यूरो )। रेलवे मुगलसराय के यार्ड में स्थित मालगोदाम में जिस तरह से हौसलाबुलंद अपराधियों के वारदात करने के बाद से पूरा इलाका सहमा हुआ है। हत्या की गुत्थी को सुलझाने और हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें आसपास के जिलों में दबिश दे रही है। एसपी संतोष सिंह ने इसके लिए चार टीमें गठित की है। सभी टीमें बदमाशों तक पहुंचने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
आखिर नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था सपन
सपन ने कुछ दिनों पूर्व पत्नी से कही थी नौकरी में मन नहीं लगने की बात
अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेलवे मालगोदाम स्थित प्राइवेट कंपनी के टेक्निकल हेड की हुई हत्या के पीछे कारणों को हर कोई जानना चाहता है। मृतक सपन का शव लेने रविवार को कोलकाता से मुगलसराय पहुंचे परिवार वालों के अनुसार वह कुछ दिनों से परेशान था और नौकरी छोड़ना चाहता था। बेहतर सुविधा और अच्छी तनख्वाह के बाद भी आखिरकार सपन नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था।
दिसंबर 2015 में कंपनी को कार्य का ठेका मिलने के बाद सपन मुगलसराय आया था। जहां कंपनी की ओर से उसे नगर के रविनगर स्थित एक अपार्टमेंट में फ्लैट किराए पर दिया गया था। इसमें कंपनी के कुछ और कर्मचारी रहते थे। मृतक सपन के भाई तपन डे ने बताया कि कंपनी की ओर से उसे सभी सुविधाएं मिल रही थीं। उसका व्यवहार अपने मातहत कार्य करने वालों के प्रति भी काफी अच्छा था। मृतक के भाई के अनुसार घटना के बाद जब उसने सपन की पत्नी नंदिता देव से पूछा तो उसने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सपन काफी परेशान था और नौकरी में मन नहीं लगने के चलते काम छोड़ने की बात कही थी। यही बात परिवार वालों को परेशान कर रही है कि आखिर वह नौकरी क्यों छोड़ना चाहता था।
टेक्निकल इंचार्ज की हत्या करने वाले थे पेशेवर
नक्सली दस्तक के बाद से पुलिस की सक्रियता के चलते ऐसी घटनाएं में आई थी कमी
कमलजीत सिंह/अमर उजाला ब्यूरो
मुगलसराय। रेलवे की सुरक्षा के पहरेदारों वाली आरपीएफ कालोनी स्थित माल गोदाम पर डैमेज वैगन मरम्मत कार्य में लगी निजी एजेंसी के टेक्निकल इंचार्ज को गोली मारकर की गई हत्या मामले में पुलिस को अभी तक कुछ खास सुराग हाथ नहीं लग सका है। टेक्निकल इंचार्ज की दिन दहाड़े जिस अंदाज में पता पूछने और नमस्ते करने के बाद हत्या की गई उससे पुलिस आशंका जता रही है कि किसी खास गिरोह और पेशेवर हत्यारों का काम हो सकता है। हाल ही के दिनों में रामनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में बदमाशों ने धमकी देने के साथ एक कंपनी कार्यालय पर फायरिंग की थी। इसके बाद से चर्चा तेज हो गई कि कहीं जिले में संगठित अपराध की पौध तो फिर से नहीं पनपने लगी।
हालांकि चंदौली जिले में कोयले और लोहे की जंग काफी पहले से चली आ रही है लेकिन जिले में नक्सली धमक के बाद पुलिस की सक्रियता बढ़ी तो इस तरह की घटनाओं में भी कमी आई। लेकिन अब फिर अपराध बढ़ने लगा है। चर्चा यह भी है कि रेलवे में ठेकेदारी का वर्चस्व व वसूली भी हत्या का कारण हो सकता है। इसका कारण वहां से रोजाना निकलने वाले लाखों रुपये के स्क्रैब भी माना जा रहा।
सन 2015 में शुरू हुए बोगी मरमम्त कार्य से ही वर्चस्व की बुनियाद पड़ गई थी। बताया जाता है कि बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड के कार्य लेने के साथ ही ठेकेदारी का नया ट्रेंड शुरू हो गया। बड़ी कम्पनी ठेके लेकर उस जगह अपनी नजदीकी फर्मों को कार्य देकर मुनाफा कमा रही हैं। इस कंपनी का ककार्य कोलकाता निवासी सपन डे देखता था। काम में मजदूरों की आवश्यकता के लिए पांच ठेकेदारों ने मजदूरों की सप्लाई का ठेका भी ले रखा था।
चर्चा है कि घालमेल करने की नियत से पिछले दिनों डाउन यार्ड में आग लगा दी गई थी। जिसको लेकर टेक्निकल इंचार्ज से कुछ कहा सुनी भी हुई थी। 19 मई की दोपहर में असलहों से लैस होकर आए चार बदमाशों के आना और घटना को अंजाम देकर आसानी से निकल जाना, पुलिस इसे किसी बड़े गिरोह का हाथ मानकर छानबीन में जुटी है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है, इससे आशंका है कि हत्यारे पेशेवर हो सकते हैं। इसके लिए चार टीमें गठित की गई हैं। जल्द हत्यारेे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।