चंदौली: महिला की जमीन दूसरे के नाम करने पर कोर्ट सख्त, दो लेखपालों सहित पांच पर दर्ज होगा मुकदमा
आरोप है कि दो लेखपालों ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे एक महिला की जमीन तीन अन्य लोगों के नाम कर दी थी। जिसके बाद पीड़िता कोर्ट में जमीन बचाने की गुहार लगाई।
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उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में दो लेखपालों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। दोनों ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर एक महिला की जमीन दूसरे लोगों के नाम कर दी। जब यह मामला अदालत पहुंचा तो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्याम बाबू ने दो क्षेत्रीय लेखपालों सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार, पीडीडीयू नगर तहसील क्षेत्र निवासी चनरी देवी की लखमीपुर में 60 डिसमिल (15 बिस्वा) कृषि योग्य भूमि है। दस्तावेज के अनुसार वह कास्तकार हैं। लेकिन राजस्व विभाग के दो लेखपालों ने फर्जी तरीके से जमीन पंचम, सतीश कुमार भारती और अनिल कुमार के नाम कर दी।
हिस्सेदार के रूप में नाम दर्ज होने के बाद तीनों ने चनरी देवी की जमीन का कुछ भाग बेच दिया। इसकी भनक लगने पर चनरी देवी ने अधिकारियों के पास लेखपालों की शिकायत की, लेकिन अफसरों ने उसे बैरंग लौटा दिया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में वाद दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्याम बाबू ने फैसला सुनाया।
उन्होंने वादिनी चनरी देवी के अधिवक्ता राकेश रत्न तिवारी की ओर से दिए गए तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर क्षेत्रीय लेखपाल विनोद कुमार पांडेय, लेखपाल राजेश भारती, पंचम, सतीष कुमार भारती और अनिल कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए मुगलसराय कोतवाल को आदेश दिया।
अधिवक्ता राकेशरत्न तिवारी ने बताया कि विपक्षीगणों के द्वारा चनरी देवी के हिस्से की भूमि को बेचने में भी कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत किया। अनुसूचित जाति के होने के बाद भी लोगों ने सामान्य जाति का व्यक्ति बनकर भूमि बेची है। इस मामले में भी उन्हें सजा मिलेगी।