{"_id":"5e7516418ebc3e6fd43b516e","slug":"corona-s-shadow-over-excavations-in-matigaon-work-stalled-chandauli-news-vns516904871","type":"story","status":"publish","title_hn":"माटीगांव में खुदाई पर कोरोना का साया, काम ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माटीगांव में खुदाई पर कोरोना का साया, काम ठप
विज्ञापन
माटीगांव शिव मंदिर परिसर में खुदाई में मिली प्राचीन ईंटों की संरचना की नापी करते पुरातत्व विभाग ?
- फोटो : CHANDAULI
चंदौली। पुरातत्व विभाग की ओर से माटीगांव के माटी के नीचे छुपे रहस्यों का पता लगाने के लिए कराई जा रही खुदाई के कार्य पर कोरोना का साया मडराने लगा है। शुक्रवार को पूरे दिन खुदाई करने के बाद टीम ने काम ठप कर दिया और बीएचयू लौट गई। टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि 22 मार्च तक खुदाई के कार्य को स्थगित रखने का निर्देश मिला है। वहीं खुदाई के दौरान मिले पुरातात्विक अवशेषों को टीम ने संरक्षित कर लिया है।
गांव की माटी के चलते देश में प्रसिद्ध फरसंड मोहनपुर (माटीगांव) में बीएचयू पुरातत्व विभाग की टीम तीन दिन से खुदाई करा रही है। इस दौरान वहां नक्काशीदार ईंटों की दीवार मिली है। शुक्रवार को दीवार के नीचे करीब डेढ़ फीट खुदाई की गई। टीम के उसके नीचे काफी अवशेष मिलने की उम्मीद है। बीएचयू के पुरातत्व विभाग की टीम की ओर से प्राचीन मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान कई ऐसे पुरातात्विक अवशेष मिले है जो कुषाण और गुप्ताकलीन समय में भवन निर्माण में प्रयोग होते थे। शुक्रवार को टीम ने खुदाई के दौरान गुप्तकालीन अलंकित ईंटों की संरचना मिलने के बाद यह दावा किया कि आगे ऐतिहासिक धरोहर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रो. विनय कुमार ने बताया कि प्राचीन काल में ऐसी नक्काशीदार ईंटों का प्रयोग प्राय: धार्मिक स्थलों और महल के निर्माण में होता था। लेकिन खुदाई पूर्ण होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। बताया कि शनिवार और रविवार को खुदाई का कार्य बंद रखने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से निर्देश प्राप्त हुआ है। आगे निर्देश मिलने के बाद पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई के लिए वापस गांव पहुंचेगी। खोदाई करने वाली टीम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डा. अशोक कुमार सिंह, डा. विनय कुमार, डा. उमेश कुमार सिंह, राहुल त्यागी, अभिषेक सिंह, परमजीत शामिल रहे।
विज्ञापन
काम बंद होने से लोग निराश
चंदौली। माटीगांव में पुरातत्व विभाग की ओर से ऐतिहासिक रहस्यों की खोज के लिए कराए जा रहे खुदाई का कार्य शुक्रवार की शाम को ठप कर दिया गया। वहीं इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों में निराशा का भाव उत्पन्न हो गया। लोगों को उम्मीद थी कि खुदाई के दौरान प्राचीन अवशेष प्राप्त होने के बाद क्षेत्र की पहचान दूर दूर तक होती। लेकिन कार्य ठप होने से रहस्यों को खोजने में देरी हो सकती है।
माटीगांव में मेले जैसा माहौल
चंदौली। गांव के प्रचीन शिव मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग की ओर से चल रहे खुदाई का कार्य देखने के लिए क्षेत्रीय लोगों में काफी उत्सुकता है। रोजाना सैकड़ों लोगों दो पहिया वाहनों के अलावा पैदल भी मंदिर परिसर में पहुंच रहे है। इससे गांव के मंदिर परिसर में काफी भीड़ जुट जा रही है। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसपी ने पुलिस कर्मियों को भी गांव में तैनात किया है।
विज्ञापन
गांव की माटी के चलते देश में प्रसिद्ध फरसंड मोहनपुर (माटीगांव) में बीएचयू पुरातत्व विभाग की टीम तीन दिन से खुदाई करा रही है। इस दौरान वहां नक्काशीदार ईंटों की दीवार मिली है। शुक्रवार को दीवार के नीचे करीब डेढ़ फीट खुदाई की गई। टीम के उसके नीचे काफी अवशेष मिलने की उम्मीद है। बीएचयू के पुरातत्व विभाग की टीम की ओर से प्राचीन मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान कई ऐसे पुरातात्विक अवशेष मिले है जो कुषाण और गुप्ताकलीन समय में भवन निर्माण में प्रयोग होते थे। शुक्रवार को टीम ने खुदाई के दौरान गुप्तकालीन अलंकित ईंटों की संरचना मिलने के बाद यह दावा किया कि आगे ऐतिहासिक धरोहर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
प्रो. विनय कुमार ने बताया कि प्राचीन काल में ऐसी नक्काशीदार ईंटों का प्रयोग प्राय: धार्मिक स्थलों और महल के निर्माण में होता था। लेकिन खुदाई पूर्ण होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। बताया कि शनिवार और रविवार को खुदाई का कार्य बंद रखने के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से निर्देश प्राप्त हुआ है। आगे निर्देश मिलने के बाद पुरातत्व विभाग की टीम खुदाई के लिए वापस गांव पहुंचेगी। खोदाई करने वाली टीम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डा. अशोक कुमार सिंह, डा. विनय कुमार, डा. उमेश कुमार सिंह, राहुल त्यागी, अभिषेक सिंह, परमजीत शामिल रहे।
विज्ञापन
काम बंद होने से लोग निराश
चंदौली। माटीगांव में पुरातत्व विभाग की ओर से ऐतिहासिक रहस्यों की खोज के लिए कराए जा रहे खुदाई का कार्य शुक्रवार की शाम को ठप कर दिया गया। वहीं इसकी जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों में निराशा का भाव उत्पन्न हो गया। लोगों को उम्मीद थी कि खुदाई के दौरान प्राचीन अवशेष प्राप्त होने के बाद क्षेत्र की पहचान दूर दूर तक होती। लेकिन कार्य ठप होने से रहस्यों को खोजने में देरी हो सकती है।
माटीगांव में मेले जैसा माहौल
चंदौली। गांव के प्रचीन शिव मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग की ओर से चल रहे खुदाई का कार्य देखने के लिए क्षेत्रीय लोगों में काफी उत्सुकता है। रोजाना सैकड़ों लोगों दो पहिया वाहनों के अलावा पैदल भी मंदिर परिसर में पहुंच रहे है। इससे गांव के मंदिर परिसर में काफी भीड़ जुट जा रही है। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एसपी ने पुलिस कर्मियों को भी गांव में तैनात किया है।