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Chandauli News: गो पालन से गांव के हर घर में पहुंच रही रसोई गैस
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स्थानीय विकास खंड के एकौनी गांव में युवा चंद्रप्रकाश ने गो पालन कर न सिर्फ अपनी आय बढ़ाई बल्कि पूरे गांव को रसोई गैस के लिए आत्मनिर्भर बना दिया। वह बायो सॉफ्ट और टाटा कंसल्टेंसी से करार कर 150 गायों का पालन कर रहे हैं। इसके गोबर से बायो गैस का उत्पादन किया जा रहा है। यहां उत्पादित गैस से गांव के 124 घरों में पाइप लाइन से रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। यह गैस एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले आधी कीमत में उपलब्ध है। ग्रामीणों को रसोई गैस पर लगभग पांच सौ रुपये प्रति महीने खर्च करने पड़ते हैं। यह पूर्वांचल का पहला बायोगैस प्लांट है।
एकौनी गांव निवासी चंद्रप्रकाश ने मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल से आर्किटेक्ट कोर्स में बीटेक किया है। इसके बाद बीएचयू से रिमोट सेंसिंग में पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा किया। शिक्षा के बाद मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब ढूढ़ने के बजाय गांव में ही स्टार्टअप बिजनेस शुरू कर दिया। उन्होंने पिता नरेंद्र सिंह के गो पालन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके लिए चार एकड़ भूमि में 150 गायों का पालन शुरू किया। वहीं तकनीकी रूप से दक्ष चंद्रप्रकाश ने इसमें भी तकनीक का इस्तेमाल किया और बायो सॉफ्ट एनर्जी और टाटा कंसल्टेंसी से करार किया। इसमें बायो सॉफ्ट एनर्जी ने गोबर गैस प्लांट लगाने और टाटा कंसल्टेंसी ने इसके लिए धन उपलब्ध कराने में मदद की। इस तरह दूध उत्पादन के साथ बायोगैस उत्पादन की शुरुआत की। इसी वर्ष अप्रैल माह से बायो गैस के व्यवसायिक उपयोग की शुरुआत की। इसके तहत गांव के 124 घरों से रसोई गैस के लिए आवेदन लिए और इन घरों तक गैस पहुंचाने के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई। इसके बाद घरों में रसोई गैस की आपूर्ति शुरू की। घरों में मीटर लगाया गया है। कंपनी की ओर से बीस रुपये प्रति क्यूबिक मीटर का मूल्य रखा गया है। इस तरह एक घर में एक माह तक रसोई गैस का खर्च लगभग पांच सौ रुपये आता है। गांव के प्रह्लाद सिंह, महेंद्र सिंह, कोमल यादव, यादवेश यादव, मनोज सिंह, आदित्य नरायन सिंह ने बताया कि बाजार में 14 किलो एलपीजी गैस की कीमत लगभग एक हजार रुपये है। वहीं यहां से पांच सौ रुपये में निर्बाध गैस मिल रही है।
इनसेट-
कंपनी से किया गया है 11 वर्षों का करार
नियामताबाद। एकौनी गांव में चार एकड़ में बने डेयरी में दस बिस्वा भूमि पर बायो गैस प्लांट स्थापित किया गया है। इसके लिए चंद्रप्रकाश और बायो सॉफ्ट एनर्जी के बीच 11 वर्षों का करार किया गया है। इसके तहत कंपनी ने ही निर्माण और घरों तक गैस आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई है। 11 वर्षों तक बायो गैस आपूर्ति से होने वाली आमदनी को कंपनी लेगी। 11 वर्षों बाद पूरा प्लांट चंद्रप्रकाश के जिम्मे होगा। संवाद
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इनसेट-
गांव के 12 लोगों को दिया रोजगार
नियामताबाद। एकौनी गांव निवासी चंद्रप्रकाश ने स्वयं के साथ गांव के 12 लोगों को रोजगार दिया है। गो पालन के लिए दस लोगों को रखा है। वहीं बायोगैस प्लांट संचालन के लिए दो लोगों को काम पर रखा है। संवाद
रिपोर्ट- अखिलेश सिंह
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एकौनी गांव निवासी चंद्रप्रकाश ने मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल से आर्किटेक्ट कोर्स में बीटेक किया है। इसके बाद बीएचयू से रिमोट सेंसिंग में पोस्ट ग्रेज्युएट डिप्लोमा किया। शिक्षा के बाद मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब ढूढ़ने के बजाय गांव में ही स्टार्टअप बिजनेस शुरू कर दिया। उन्होंने पिता नरेंद्र सिंह के गो पालन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके लिए चार एकड़ भूमि में 150 गायों का पालन शुरू किया। वहीं तकनीकी रूप से दक्ष चंद्रप्रकाश ने इसमें भी तकनीक का इस्तेमाल किया और बायो सॉफ्ट एनर्जी और टाटा कंसल्टेंसी से करार किया। इसमें बायो सॉफ्ट एनर्जी ने गोबर गैस प्लांट लगाने और टाटा कंसल्टेंसी ने इसके लिए धन उपलब्ध कराने में मदद की। इस तरह दूध उत्पादन के साथ बायोगैस उत्पादन की शुरुआत की। इसी वर्ष अप्रैल माह से बायो गैस के व्यवसायिक उपयोग की शुरुआत की। इसके तहत गांव के 124 घरों से रसोई गैस के लिए आवेदन लिए और इन घरों तक गैस पहुंचाने के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई। इसके बाद घरों में रसोई गैस की आपूर्ति शुरू की। घरों में मीटर लगाया गया है। कंपनी की ओर से बीस रुपये प्रति क्यूबिक मीटर का मूल्य रखा गया है। इस तरह एक घर में एक माह तक रसोई गैस का खर्च लगभग पांच सौ रुपये आता है। गांव के प्रह्लाद सिंह, महेंद्र सिंह, कोमल यादव, यादवेश यादव, मनोज सिंह, आदित्य नरायन सिंह ने बताया कि बाजार में 14 किलो एलपीजी गैस की कीमत लगभग एक हजार रुपये है। वहीं यहां से पांच सौ रुपये में निर्बाध गैस मिल रही है।
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कंपनी से किया गया है 11 वर्षों का करार
नियामताबाद। एकौनी गांव में चार एकड़ में बने डेयरी में दस बिस्वा भूमि पर बायो गैस प्लांट स्थापित किया गया है। इसके लिए चंद्रप्रकाश और बायो सॉफ्ट एनर्जी के बीच 11 वर्षों का करार किया गया है। इसके तहत कंपनी ने ही निर्माण और घरों तक गैस आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई है। 11 वर्षों तक बायो गैस आपूर्ति से होने वाली आमदनी को कंपनी लेगी। 11 वर्षों बाद पूरा प्लांट चंद्रप्रकाश के जिम्मे होगा। संवाद
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इनसेट-
गांव के 12 लोगों को दिया रोजगार
नियामताबाद। एकौनी गांव निवासी चंद्रप्रकाश ने स्वयं के साथ गांव के 12 लोगों को रोजगार दिया है। गो पालन के लिए दस लोगों को रखा है। वहीं बायोगैस प्लांट संचालन के लिए दो लोगों को काम पर रखा है। संवाद
रिपोर्ट- अखिलेश सिंह