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नैक मूल्यांकन को चुनौती के रूप में लें कालेज प्रबंधन-कुलपति

Sat, 01 Feb 2020 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 01:03 AM IST
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नैक मूल्यांकन को चुनौती के रूप में लें कालेज प्रबंधन-कुलपति
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विक्रम सिंह कालेज में ‘नैक अवेयरनेस’ कार्यक्रम में बोले वीसी
वाराणसी और चंदौली के कालेज प्रबंधकों ने लिया हिस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) किसी भी विश्वविद्यालय या कालेज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर उपलब्ध कराता है। मूल्यांकन के बहाने वहां की सुविधाएं, संसाधन को व्यवस्थित और प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। कालेज प्रबंधन को इससे पीछे हटने या घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि प्रबंधन इसे चुनौती के रूप में लें और नैक से मूल्यांकन के लिए तैयार हों। इससे शिक्षण संस्थानों की कमियों को दूर करने के साथ ही वहां सुविधाएं, संसाधन एवं नई तकनीक को बेहतर करने के अवसर प्रदान करता है।

वह शुक्रवार को विक्रम सिंह कन्या महाविद्यालय में ‘नैक अवेयरनेस’ पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में उपस्थित प्रबंधकों, प्राचार्यों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को हथियार बनाएं, यह तभी संभव होगा जब मूल्यांकन के दौरान सामने आई कमियों को दूर करेंगे। कुलपति ने उपस्थित प्राचार्यों, प्रबंधकों से आह्वान किया कि वे मानसिक रूप से नैक मूल्यांकन के लिए तैयार हों। साथ ही शैक्षिक, वित्तीय, वाचनालय जैसी सुविधाओं को डिजिटल करें। इससे ऑनलाइन कालेज से जुड़ी जानकारी एक साथ हर कोई जान सकता है। इससे पहले कुलसचिव साहब लाल मौर्य ने कहा कि मूल्यांकन शैक्षिक, प्रशासनिक, वित्त प्रबंधन, अवस्थापना और पुस्तकालय पर केंद्रित होता है। इसे दुरुस्त कर कालेज को प्रबंधन नई पहचान दिला सकता है। काशी विद्यापीठ के इंटरनल क्वालिटी एस्योरेंस सेल के समन्वयक प्रो. केएस जायसवाल और डॉ. आभा सक्सेना ने मूल्यांकन के तरीके, नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इससे पहले कुलपति को कालेज के प्रबंधक/डायरेक्टर मनोज सिंह ने शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा डॉ. अनीता श्रीवास्तव, डॉ. समृद्धि श्रीवास्तव, डॉ. संदीप गिरी मौजूद रहे। संचालन प्रशंसा चौरसिया और साक्षी ने किया।
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