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पीएफ घोटाले के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन

Wed, 20 Nov 2019 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 12:48 AM IST
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chandauli news
चंदौली। पीएफ घोटाले के विरोध में मंगलवार को मुख्यालय स्थित अधिशासी अभियंता विद्युत के कार्यालय परिसर में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की और कहा कि सरकार उनके पीएफ भुगतान की जिम्मेदारी ले और इसकी जांच तत्काल सीबीआई से शुरू कराई जाए। वहीं दो दिनों के हड़ताल से लगभग 40 लाख रुपये का राजस्व का घाटा होने का अनुमान है।
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इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि पावर सेक्टर इंप्लाइज ट्रस्ट के घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है और ऊर्जा मंत्रालय ट्रस्ट के भुगतान की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन पर डालकर पल्ला झाड़ने में लगा है। कहा कि यह कहना अत्यंत हास्यास्पद है कि ट्रस्ट की धनराशि के भुगतान को पावर कॉरपोरेशन सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि पावर कॉरपोरेशन खुद 85000 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में है। ऐसे में उसके माथे ट्रस्ट का भुगतान डाल देना सरकार का गुमराह करने वाला कदम होगा। कहा कि वैसे भी पावर कॉरपोरेशन नियामक आयोग के समक्ष खर्च का विवरण देता है। इसके बाद उससे इतर ट्रस्ट के भुगतान की गुंजाइश कहां रह जाती है। इस दौरान दलसिंगार यादव, रवि प्रकाश मौर्या, संतोष कुमार, दयानंद त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, रामा, दरोगा, शिवकुमार, जितेंद्र कुमार, डीके पांडेय, शिवनारायण, अनिल कुमार, विवेक उपस्थित रहे।
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पीडीडीयू नगर। पावर कार्पोरेशन में कर्मचारियों के पीएफ फंड में 4122 करोड़ रुपये के घोटाले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कर्मचारी श्रम संगठनों व संघों के सदस्यों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया। दो दिनों की हड़ताल में लगभग 25 लाख रुपये की राजस्व की वसूली प्रभावित हुई है।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने 18 और 19 नवंबर को 48 घंटे कार्य बहिष्कार की घोषणा की थी। वहीं जूनियर इंजीनियर संगठन ने 20 नवंबर से 23 नवंबर तक 79 घंटे कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। कर्मचारी संगठन के वक्ताओं ने पीएफ घोटाले में संलिप्त आरोपियों पर बगैर किसी भेदभाव के कार्रवाई किये जाने की मांग की। राज्य सरकार एक तरफ निदेशक की गिरफ्तारी और दूसरी ओर अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन को स्थानांतरित कर उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। वहीं आंदोलन पर जाने वाले अवर अभियंताओं ने सरकार से ईपीएफ, जीपीएफ व सीपीएफ के लिए बनाए गए बोर्ड आफ ट्रस्ट का पुनर्गठन कर कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व देते हुए उसे पारदर्शी बनाते हुए राजाज्ञा जारी करते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। कार्य बहिष्कार करने वाले बिजली कर्मचारियों में एसडी दूबे, अफसार अहमद, मो. मेहदी, राजमणि वर्मा, अरविंद शुक्ला, मनोज पाल, विपिन कुमार, नफीस अहमद, विश्वनाथ, पन्नालाल, जगदीश शर्मा आदि शामिल थे।
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