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Chandauli News: लतीफशाह की मजार पर हुई चादरपोशी बनवारी दास के दर्शन को लगी कतार
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शहरनामा की फोटो-------चकिया के लतीफशाह में आयोजित मेले में जुटे लोग। संवाद
- फोटो : स्रोत : परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चकिया। क्षेत्र में कजरी महोत्सव की शुरूआत बृहस्पतिवार को हुई। पहले दिन बृहस्पतिवार को पीतपुर ग्राम पंचायत स्थित लतीफशाह की मजार और बाबा बनवारी दास मंदिर के समीप मेला लगा। यहां पहुंचे लोगों ने जहां लतीफशाह की मजार पर चादरपोशी की। वहीं बनवारी दास महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी। इसके बाद लोगों ने मेेले का आनंद उठाया।
क्षेत्र के पीतपुर गांव में स्थित कर्मनाशा नदी के कछार पर बाबा लतीफशाह की मजार, सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बाबा बनवारी दास का समाधि स्थल हैं। लतीफशाह में पूरे वर्ष मुस्लिम जियारत, चादरपोशी और दुआ-ख्वानी करने के लिए आते हैं। वहीं लतीफशाह बीयर के नीचे पिकनिक भी मनाते हैं।
पुरानी परंपरा के अनुसार हरतालिका तीज के तीसरे दिन मेले का आयोजन होता है। यहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बाबा के मजार पर चादरपोशी करते हैं। बृहस्पतिवार को बाबा के मजार पर जायरीनों ने चादरपोशी की और तबर्रुक चढ़ाकर मन्नत मांगी। इस अवसर पर जायरीनों ने मजार पर दुआ-ख्वानी की।
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वहीं मजार के पास ही में स्थित बाबा वनवारी दास की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। मेले के दौरान लतीफशाह की मजार परिसर के अलावा कर्मनाशा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित बाबा सैयद शाह अजमेरी की मजार पर भी जायरीन उमड़े। लतीफशाह बीयर से लगभग डेढ़ फीट पानी गिरने के कारण लोगों को एक छोर से एक छोर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेला पश्चिमी छोर पर भी लगा। सुरक्षा में एसडीएम विनय कुमार मिश्रा, सीओ रघुराज, चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह आदि रहे।
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चकिया। क्षेत्र में कजरी महोत्सव की शुरूआत बृहस्पतिवार को हुई। पहले दिन बृहस्पतिवार को पीतपुर ग्राम पंचायत स्थित लतीफशाह की मजार और बाबा बनवारी दास मंदिर के समीप मेला लगा। यहां पहुंचे लोगों ने जहां लतीफशाह की मजार पर चादरपोशी की। वहीं बनवारी दास महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की कतार लगी। इसके बाद लोगों ने मेेले का आनंद उठाया।
क्षेत्र के पीतपुर गांव में स्थित कर्मनाशा नदी के कछार पर बाबा लतीफशाह की मजार, सैय्यद शाह अजमेरी की मजार और बाबा बनवारी दास का समाधि स्थल हैं। लतीफशाह में पूरे वर्ष मुस्लिम जियारत, चादरपोशी और दुआ-ख्वानी करने के लिए आते हैं। वहीं लतीफशाह बीयर के नीचे पिकनिक भी मनाते हैं।
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पुरानी परंपरा के अनुसार हरतालिका तीज के तीसरे दिन मेले का आयोजन होता है। यहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बाबा के मजार पर चादरपोशी करते हैं। बृहस्पतिवार को बाबा के मजार पर जायरीनों ने चादरपोशी की और तबर्रुक चढ़ाकर मन्नत मांगी। इस अवसर पर जायरीनों ने मजार पर दुआ-ख्वानी की।
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वहीं मजार के पास ही में स्थित बाबा वनवारी दास की समाधि पर भी श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। मेले के दौरान लतीफशाह की मजार परिसर के अलावा कर्मनाशा नदी के पश्चिमी तट पर स्थित बाबा सैयद शाह अजमेरी की मजार पर भी जायरीन उमड़े। लतीफशाह बीयर से लगभग डेढ़ फीट पानी गिरने के कारण लोगों को एक छोर से एक छोर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मेला पश्चिमी छोर पर भी लगा। सुरक्षा में एसडीएम विनय कुमार मिश्रा, सीओ रघुराज, चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह आदि रहे।