सकलडीहा। आदि आश्रम हरिहरपुर में परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु अवधूत राम की मूर्ति, शिवलिंग और चरण पादुका का पांचवा स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। गुरु पद संभव राम के नेतृत्व में भक्तों ने अघोर मंत्र का जप करते हुए फेरा लगाया। पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सफलयोनी पाठ से हुई। सर्वेश्वरी समूह के गुरु पद संभव राम ने कहा कि जो घोर नहीं, कठिन नहीं, कड़वा नहीं, वही अघोर है। उन्होंने कहा कि भक्तों के वश में भगवान होते हैं। सच्चे मन, श्रद्धा और भाव से पुकारने पर ईश्वर भक्त के पास चले आते हैं। गुरु वही, जिसे देखने से उच्च विचार उत्पन्न हो। इसके पूर्व साफ सफाई, श्रमदान के पश्चात सफलयोनी का पाठ किया गया। भक्तों ने सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक अघोरमंत्र का जाप करते हुए परिक्रमा की। अखंड दीप प्रज्ज्वलित कर संभव राम महाराज ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अभेद आश्रम के शेखर साधु, शिवाजी सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, पारस नाथ, डीडी सिंह, अखिलेश सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना, टप्पू, उपेंद्र सिंह, अमित कुमार, नन्हे सिंह, रामवचन आदि रहे।