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सीईपीसी: सितंबर 2021 के चुनाव अमान्य घोषित
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भदोही। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अमृत राज ने 10 सितंबर 2021 के कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चुनाव नतीजों को अमान्य घोषित कर दिया है। परिषद की प्रभारी अधिशासी निदेशक से उन्होंने तत्काल 18 प्रशासनिक सदस्यों के चुनाव को कहा है। परिणाम के घोषित होने के बाद प्रत्याशी संजय कुमार गुप्ता ने धांधली के आरोप लगाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग की थी।
संजय गुप्ता की शिकायत पर डीसी (एच) ने चुनाव परिणाम के लगभग चार महीने बाद ही चुनाव को अमान्य और शून्य घोषित कर दिया था लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों ने इसके विरुद्ध माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील कर दी थी। जिसमें 17 मार्च 2023 को अपने फैसले में माननीय उच्च न्यायालय ने डीसी (एच) के चुनाव अमान्य और शून्य करने वाले फैसले पर रोक लगाते हुए पुन: दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर कोई निर्णय देने का निर्देश दिया था।
डीसी (एच) ने मामले में पुन: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गत 15 फरवरी को दिए फैसले में सितंबर 2021 के चुनाव नतीजों को रद कर नए सिरे से फिर से चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। डीसी (एच) के इस फैसले के बाद कालीन उद्योग में सोमवार को चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। फैसले में कहा गया है कि प्रभारी अधिशासी निदेशक नए सिरे से पारदर्शी, परिषद के बाईलाज और चुनाव नियमों का पालन करते हुए फिर से चुनाव कराएं। ईडी डॉ. स्मिता नागरकोटी ने बताया कि इस आशय की जानकारी प्राप्त हुई है। जिसका पालन किया जाएगा।
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17 लोग सीईपीसी की प्रशासनिक समिति के सदस्य हुए थे निर्वाचित
साल 2021 में हुए निर्वाचन में मुकेश कुमार गोम्बर, वासिफ अंसारी, अनिल कुमार सिंह, असलम महबूब, सूर्यमणि तिवारी, बोधराज मल्होत्रा, इम्तीयाज अहमद, दर्पण बरनवाल, हाजी फिरोज वजीरी, गुलाम नबी भट्ट, कुलदीप राज वाटल, महावीर प्रताप शर्मा, राम दर्शन शर्मा, शेख आशिक अहमद, श्रीराम मौर्य, विजेंद्र सिंह जगलान और रोहित गुप्ता सीईपीसी के प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्वाचित हुए थे।
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संजय गुप्ता की शिकायत पर डीसी (एच) ने चुनाव परिणाम के लगभग चार महीने बाद ही चुनाव को अमान्य और शून्य घोषित कर दिया था लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों ने इसके विरुद्ध माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील कर दी थी। जिसमें 17 मार्च 2023 को अपने फैसले में माननीय उच्च न्यायालय ने डीसी (एच) के चुनाव अमान्य और शून्य करने वाले फैसले पर रोक लगाते हुए पुन: दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर कोई निर्णय देने का निर्देश दिया था।
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डीसी (एच) ने मामले में पुन: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गत 15 फरवरी को दिए फैसले में सितंबर 2021 के चुनाव नतीजों को रद कर नए सिरे से फिर से चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। डीसी (एच) के इस फैसले के बाद कालीन उद्योग में सोमवार को चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। फैसले में कहा गया है कि प्रभारी अधिशासी निदेशक नए सिरे से पारदर्शी, परिषद के बाईलाज और चुनाव नियमों का पालन करते हुए फिर से चुनाव कराएं। ईडी डॉ. स्मिता नागरकोटी ने बताया कि इस आशय की जानकारी प्राप्त हुई है। जिसका पालन किया जाएगा।
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17 लोग सीईपीसी की प्रशासनिक समिति के सदस्य हुए थे निर्वाचित
साल 2021 में हुए निर्वाचन में मुकेश कुमार गोम्बर, वासिफ अंसारी, अनिल कुमार सिंह, असलम महबूब, सूर्यमणि तिवारी, बोधराज मल्होत्रा, इम्तीयाज अहमद, दर्पण बरनवाल, हाजी फिरोज वजीरी, गुलाम नबी भट्ट, कुलदीप राज वाटल, महावीर प्रताप शर्मा, राम दर्शन शर्मा, शेख आशिक अहमद, श्रीराम मौर्य, विजेंद्र सिंह जगलान और रोहित गुप्ता सीईपीसी के प्रशासनिक समिति के सदस्य निर्वाचित हुए थे।