चंदौली: दबिश के दौरान युवती की मौत मामले की जांच करने पहुंची सीबीसीआईडी, परिजनों ने नहीं किया सहयोग
चंदौली के मनराजपुर गांव में एक मई को दबिश के दौरान कन्हैया यादव की बेटी निशा उर्फ गुड़िया की मौत हो गई थी। मामला इतना तूल पकड़ा की तमाम विपक्षी दलों के नेता सत्तापक्ष पर आक्रामक हो गए।
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पुलिस की दबिश के दौरान निशा यादव की मौत के मामले की जांच के लिए शुक्रवार दोपहर सीबीसीआईडी की टीम चंदौली के मनराजपुर गांव पहुंची। करीब तीन घंटों तक मृतका के परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने सहयोग करने से इंकार कर दिया। मृतका के पिता कन्हैया यादव ने कहा कि हाईकोर्ट के जज की निगरानी में जांच कराई जाए।
सैयदराजा थाना क्षेत्र के मनराजपुर में एक मई को पुलिस दबिश के दौरान कन्हैया यादव की बेटी निशा यादव उर्फ गुड़िया की मौत हो गई थी। मामला इतना तूल पकड़ा की तमाम विपक्षी दलों के नेता मनराजपुर की घटना को लेकर सत्तापक्ष पर आक्रामक हो गए।
मनराजपुर पहुंचे थे अखिलेश यादव
खुद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर और आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह भी मनराजपुर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के बाद पुलिस और सरकार की आलोचना की। बाद में शासन ने पूरे घटना की सीबीसीआईडी से जांच कराने का आदेश दिया।
शुक्रवार को वाराणसी में सीबीसीआईडी की सीओ सुनीता सिंह, निरीक्षक राकेश यादव और मोहित यादव मनराजपुर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी लेनी चाही, लेकिन किसी भी सदस्य ने उनका सहयोग नहीं किया।
निशा के पिता कन्हैया यादव ने बताया कि सीबीसीआईडी की जांच से संतुष्ट नहीं है। घटना की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए। ऐसे में तीन घंटे तक पूछताछ के बाद टीम वापस चली गई। सीओ सुनीता ने बताया कि मंगलवार को सीबीसीआइडी के एडीजी और एसपी इस घटना की जांच के लिए मनराजपुर गांव पहुंचेंगे।
पीड़ित परिवार 50 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग
मनराजपुर की घटना की न्यायिक जांच कराने और आरोपियों को धारा-302 के तहत मुकदमा कायम कर दंडित किए जाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सीपीआईएम ने शुक्रवार को धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पीड़ित परिजनों को 50 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग की।
आईपीएफ नेता अजय राय ने कहा कि महिला अपराध के मामले में पुलिस व शासन की शिथिलता के कारण दोषियों को दंड नहीं मिला रहा है, जिससे महिला उत्पीड़न, बलात्कार व हत्या जैसे जघन्य अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार को कमजोर व असहाय वर्ग को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए एक बेहतर माहौल प्रदेश व देश में कायम करने की जरूरत है। अंत में कार्यकर्ताओं ने पांच सूत्रीय ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम सदर को सौंपा।