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नहर का तटबंध टूटा, दस एकड़ फसल बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 07 Jan 2016 01:30 AM IST
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क्षेत्र के बम्हनियांव गांव के समीप भूपौली मुख्य नहर से निकली इनायतपुर माइनर का तटबंध बुधवार को टूट गया।
इससे किसानों की दस एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई। पानी में डूबने के चलते फसल के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि माइनर के तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते तटबंध काफी जर्जर हो गया है। नहर में पानी छोड़े जाने के बाद जगह-जगह सुर्रियां बन जाती हैं।
जिनसे पानी का रिसाव शुरू हो जाता है और तटबंध टूटता है। कहा कि बुधवार को भी माइनर के तटबंध में छेद हो गया और पानी के दबाव के चलते अचानक तटबंध टूट गया। वहीं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता का कहना है कि किसानों द्वारा नहर के तटबंध पर अरहर की खेती की गई है।
इससे नहर के तटबंध को चूहों ने छलनी कर दिया है और पानी का दबाव पड़ते ही नहर का तटबंध टूट जाता है। तटबंध टूटने की सूचना के बाद मजदूरों के साथ क्षेत्रीय ठेकेदार टप्पू सिंह ने मौके पर पहुंचकर टूटे तटबंध को बंधवाने की कोशिश की लेकिन किसानों के विरोध के चलते ठेकेदार को वापस लौटना पड़ा।
इसकी सूचना मिलते ही जेई ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया और नहर का तटबंध बंधवाया।
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इससे किसानों की दस एकड़ गेहूं की फसल पानी में डूब गई। पानी में डूबने के चलते फसल के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि माइनर के तटबंध की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते तटबंध काफी जर्जर हो गया है। नहर में पानी छोड़े जाने के बाद जगह-जगह सुर्रियां बन जाती हैं।
जिनसे पानी का रिसाव शुरू हो जाता है और तटबंध टूटता है। कहा कि बुधवार को भी माइनर के तटबंध में छेद हो गया और पानी के दबाव के चलते अचानक तटबंध टूट गया। वहीं सिंचाई विभाग के अवर अभियंता का कहना है कि किसानों द्वारा नहर के तटबंध पर अरहर की खेती की गई है।
इससे नहर के तटबंध को चूहों ने छलनी कर दिया है और पानी का दबाव पड़ते ही नहर का तटबंध टूट जाता है। तटबंध टूटने की सूचना के बाद मजदूरों के साथ क्षेत्रीय ठेकेदार टप्पू सिंह ने मौके पर पहुंचकर टूटे तटबंध को बंधवाने की कोशिश की लेकिन किसानों के विरोध के चलते ठेकेदार को वापस लौटना पड़ा।
इसकी सूचना मिलते ही जेई ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया और नहर का तटबंध बंधवाया।