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तालाब की भूमि पर बने मकानों पर चला बुल्डोजर

Wed, 04 Mar 2020 12:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Mar 2020 12:24 AM IST
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Bulldozers run on houses built on the land of the pond
तालाब की भूमि पर बने मकानों पर चला बुल्डोजर
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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र-
कमालपुर। धीना थाना अंतर्गत पसाई गांव में तालाब पाट कर बनाए गए 28 मकानों पर मंगलवार की सुबह बुल्डोजर चला। राजस्व और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया। इससे मौके पर खलबली की स्थिति रही। लोगों के विरोध को देखते हुए पीएसी सहित कई थानों की फोर्स मौके पर डटी रही। वहीं गरीबों के सिर से छत हटने से लोगों के सामने सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है।
बरहनी ब्लाक का पसाई गांव तीन तरफ़ से तालाब से घिरा है। आरोप है कि गांव की अधिकतर आबादी तालाबों पर कब्जा कर आशियाना ली है। वर्षों पहले गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा हटाने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इस पर वर्ष 2013 में कब्जा हटाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिया मिला लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। उच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाई और तुरंत कब्जा हटाने का निर्देश प्रशासन को दिया। तालाब पर अतिक्रमण कर बनाए गए 28 मकानों को चिह्नित किया गया। इसके बाद मंगलवार की दोपहर में 12 बजे मुख्य विकास अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव के नेतृत्व में एडिशनल एसपी प्रेमचंद, एसडीएम सदर विजय नरायन सिंह, एसडीएम पीडीडीयू नगर कुमार हर्ष, सीओ सदर कुंअर प्रभात सिंह, सीओ सकलडीहा के साथ धीना, कंदवा, शहाबगंज, बलुआ, बबुरी थाने के 5 थानाध्यक्ष, दो महिला एसआई, 70 कांस्टेबल, 60 महिला कांस्टेबल, बरहनी स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों की टीम, एक एंबुलेंस के साथ पहुंचे। इसके बाद घरों से लोगों को बाहर निकाला और मकानों को गिराना शुरू कर दिया। चार घंटे तक चले अभियान में मिठाई, जगदंबा, चंद्रभान, लालता, रामजन्म, सीताराम, चंद्रशेखर, महेंद्र, हरवंश, राजेन्द्र, सुग्रीव, सदन, इजराइल, दूधनाथ, शेषनाथ, जयप्रकाश, लल्लन, अच्छेलाल, सरांगधर दुबे, वीरेंद्र, नरेंद्र, अशोक, अरुण, रमेश, राजनाथ, केदार, रमाशंकर, आफताब, शब्बीर के मकान धराशाई कर दिए गए। वर्षों से काबिज लोगों के आंखों के सामने उनका आशियाना गिरता देख आंसूओं की धार फूट पड़ी। इसी बीच मकान टूटता देख गिरजा दुबे 65वर्ष गश खाकर गिर पड़ी जिसे बरहनी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने प्राथमिक उपचार किया।
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इनसेट-
बेटी के हाथ करने थे पीले, उससे पहले गिर गया आशियाना
कमालपुर। पसाई गांव में अतिक्रमण की जद में आया रमेश खरवार का परिवार बेघर हो गया। रमेश को गांव में एक इंच भूमि नही है। रमेश को सरकार से वर्ष 2008 में सरकारी आवास मिला था जिसको वह तलाब किनारे बनवाया था। उसका आशियाना भी अतिक्रमण की जद में आया और उसे आज गिरा दिया गया। रमेश को पाच पुत्रियां हैं, इसमें बड़ी बेटी की शादी 14 जून को होने वाली है। रमेश पुत्री की शादी की तैयारी में बाहर नौकरी को गया है। मकान गिरने के बाद उसकी पत्नी व पुत्री का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
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