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कलह से ऊबकर युवक ने गंगा में कूदकर जान दी

Thu, 17 Dec 2020 12:53 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 12:53 AM IST
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Bored with discord, a young man jumped into the Ganges and died
पीडीडीयू नगर। मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र के लाठ नंबर दो निवासी सुदीप श्रीवास्तव (36) ने बुधवार की सुबह नौ बजे मालवीय पुल से कूदकर जान दे दी। दो दिन पूर्व सुदीप का उसकी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। वह निजी बैंक में काम करता था। वह अपने तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। मौके पर पहुंची रामनगर थाने की पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और आवश्यक कार्रवाई के शव को पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू के लिए भेज दिया।
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मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र ने लाठ नंबर निवासी शंकर शरण श्रीवास्तव रेलवे में नौकरी करते हैं। इनके तीन पुत्र थे। सुदीप सबसे बड़ा था और अभिषेक और आशीष छोटे थे। परिवार के अनुसार कुछ दिनों पूर्व सुदीप का अपनी पत्नी नेहा श्रीवास्तव से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जिसे लेकर वह काफी परेशान चल रहा था। सुबह उठने के बाद घर पर तैयार हुआ और लगभग नौ बजे वह बाइक से मालवीय पुल पर पहुंच गया। वहीं सड़क किनारे बाइक खड़ी कर उसने पुल से छलांग लगा दी। नदी में युवक के कूदते ही वहां लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान किसी ने इसकी सूचना रामनगर पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार शव को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू भेज दिया।
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पीडीडीयू नगर। नगर के लाट नंबर दो निवासी सुदीप श्रीवास्तव बुधवार की सुबह उठने के बाद स्नान और नाश्ता किया। इसके बाद वह अपनी मां सविता श्रीवास्तव का पैर छूकर बिना कुछ बताए घर से बाइक लेकर निकल गया। रामनगर गंगा पुल पर जाने के बाद उसने अपने छोटे भाई अभिषेक से फोन पर बात की। इसके बाद वह गंगा में कूद गया। अभिषेक ने दोबारा फोन मिलाया तो बात नहीं हुआ और फोन पुलिस ने रिसीव कर मामले की जानकारी दी।
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घटना की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया। विलखते हुए अभिषेक ने कहा भैया को अपनी और मां की कसम भी दिलाई लेकिन वह बात नहीं माने। भैया को बचा नहीं सका। वहीं उसकी पत्नी नेहा, बच्चों का रोकर बुरा हाल था। मां सविता और पिता शंकर शरण श्रीवास्तव बड़े बेटे के निधन से बेसुध थे। जानकारी होने और शाम को शव घर पहुंचते ही लोगों की भीड़ जुट गई। रिश्तेदारों और पास पड़ोस के लोगों ने परिवार वालों को किसी तरह ढांढस बंधाया।
रिपोर्ट - कमलजीत सिंह
बाइट - 1316
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