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सड़क पर खुले में फेंका जा रहा बायो मेडिकल वेस्ट
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पीडीडीयू नगर । बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर जिलेभर में निजी चिकित्सालय व जांच केंद्र लापरवाह बने हुए हैं। अस्पतालों व जांच केंद्रों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को खुलेआम सड़क पर फेंक दिया जा रहा है। इसके उपयोग की गई सीरिंज, दवाइयों के डिब्बे, इंजेक्शन की शीशियां, गंदी पट्टियां शामिल हैं।
जिले में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने वाले 390 संस्थाएं पंजीकृत हैं। इसमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, एक्सरे सेंटर, पैथालॉजी, ब्लड कलेक्शन सेंटर शामिल हैं। यहां काफी संख्या में बॉयो मेडिकल वेस्ट निकलता है। अस्पतालों और निजी जांच केंद्रों ने दिखावे के लिए अलग अलग रंग के पात्र या पॉलिथीन होती है जिनकी कोडिंग अलग अलग होती है। उसी अनुसार उनमें कचरा डाला जाता है। इसके बाद कचरा उठाने का कार्य करने वाली संस्था उसे वहां से उठाकर ले जाना होता है लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से उसे सड़क पर ही फेंक दिया जाता है। बाद में सफाईकर्मी इसे अनजाने में उठाकर घरों से निकलने वाले कचरे में मिलाकर ले जाते है। इससे सफाईकर्मियों समेत अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका बनीं रहती है। पीडीडीयू नगर में कैलाशपुरी, सुभाष नगर, नई बस्ती, अलीनगर में सड़क पर मेडिकल वेस्ट फेंके हुए मिले।
बॉये मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट के लिए मेडिकल कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था करना सभी के लिए आवश्यक है। जिले में इस एक्ट का सही से पालन नहीं करने पर 21 लाइसेंस रद्द किये जा चुके है जिसमें निजी अस्पताल समेत जांच केंद्र भी शामिल है। - डॉ. दिग्विजय सिंह, नोडल अधिकारी बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट
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पीडीडीयू नगर। जिले में बॉयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए दो संस्थाएं काम कर रही है। इसमें संगम नामक संस्था सरकारी अस्पतालों से कचरा एकत्र करती है। वहीं सीपीसी को निजी केंद्रों से बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र करने की जिम्मेेदारी दी गई है। संवाद
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जिले में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने वाले 390 संस्थाएं पंजीकृत हैं। इसमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, एक्सरे सेंटर, पैथालॉजी, ब्लड कलेक्शन सेंटर शामिल हैं। यहां काफी संख्या में बॉयो मेडिकल वेस्ट निकलता है। अस्पतालों और निजी जांच केंद्रों ने दिखावे के लिए अलग अलग रंग के पात्र या पॉलिथीन होती है जिनकी कोडिंग अलग अलग होती है। उसी अनुसार उनमें कचरा डाला जाता है। इसके बाद कचरा उठाने का कार्य करने वाली संस्था उसे वहां से उठाकर ले जाना होता है लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से उसे सड़क पर ही फेंक दिया जाता है। बाद में सफाईकर्मी इसे अनजाने में उठाकर घरों से निकलने वाले कचरे में मिलाकर ले जाते है। इससे सफाईकर्मियों समेत अन्य लोगों के संक्रमित होने की आशंका बनीं रहती है। पीडीडीयू नगर में कैलाशपुरी, सुभाष नगर, नई बस्ती, अलीनगर में सड़क पर मेडिकल वेस्ट फेंके हुए मिले।
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बॉये मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एक्ट के लिए मेडिकल कचरे के निस्तारण की उचित व्यवस्था करना सभी के लिए आवश्यक है। जिले में इस एक्ट का सही से पालन नहीं करने पर 21 लाइसेंस रद्द किये जा चुके है जिसमें निजी अस्पताल समेत जांच केंद्र भी शामिल है। - डॉ. दिग्विजय सिंह, नोडल अधिकारी बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट
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पीडीडीयू नगर। जिले में बॉयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के लिए दो संस्थाएं काम कर रही है। इसमें संगम नामक संस्था सरकारी अस्पतालों से कचरा एकत्र करती है। वहीं सीपीसी को निजी केंद्रों से बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र करने की जिम्मेेदारी दी गई है। संवाद