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मौन रख कर दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 03 Oct 2015 01:53 AM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिला इकाई की ओर से कर्मचारियों ने शुक्रवार को सदर ब्लाक परिसर में दो घंटे तक मौन रहकर धरना दिया।
इसके पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर दस सूत्रीय मांग पत्र कार्यालय प्रभारी अनिल कुमार को सौंपा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महेंद्र लाल श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानान्तर राशि प्रदान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्ता मिल सके। राज्य कर्मचारियों को 300 दिवस उपार्जित अवकाश के स्थान पर 600 दिनों का उपार्जित अवकाश संचित किया जाए।
इसके अलावा सेवानिवृत्त होने पर नकद भुगतान किया जाए, ताकि उसका लाभ राज्य कर्मचारियों को पूर्ण रूप से मिल सके। इसके अलावा नकदीकरण की भी सुविधा प्रदान की जाए।
साथ ही रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाए। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के पदों को मृत संवर्ग से हटाकर पुनर्जीवित किया जाए। इस क्रम में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जाए।
कहा कि कई बार सरकार से तमाम मांगों को लेकर वार्ता की गई, लेकिन आज तक आश्वासन ही मिला। इस अवसर पर अजय यादव, अखिलेश मिश्रा, शांति देवी, चिंतामणि, कमरूद्दीन, वीरेंद्र पासवान, सुभाष आदि रहे। संचालन आनंद मिश्रा ने किया।
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इसके पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अंत में कलेक्ट्रेट पहुंचकर दस सूत्रीय मांग पत्र कार्यालय प्रभारी अनिल कुमार को सौंपा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महेंद्र लाल श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्तों की समानान्तर राशि प्रदान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्ता मिल सके। राज्य कर्मचारियों को 300 दिवस उपार्जित अवकाश के स्थान पर 600 दिनों का उपार्जित अवकाश संचित किया जाए।
इसके अलावा सेवानिवृत्त होने पर नकद भुगतान किया जाए, ताकि उसका लाभ राज्य कर्मचारियों को पूर्ण रूप से मिल सके। इसके अलावा नकदीकरण की भी सुविधा प्रदान की जाए।
साथ ही रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां की जाए। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के पदों को मृत संवर्ग से हटाकर पुनर्जीवित किया जाए। इस क्रम में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जाए।
कहा कि कई बार सरकार से तमाम मांगों को लेकर वार्ता की गई, लेकिन आज तक आश्वासन ही मिला। इस अवसर पर अजय यादव, अखिलेश मिश्रा, शांति देवी, चिंतामणि, कमरूद्दीन, वीरेंद्र पासवान, सुभाष आदि रहे। संचालन आनंद मिश्रा ने किया।