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मुर्गों के परिवहन पर लगा प्रतिबंध, जांच के लिए नौ टीमें बनीं
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चंदौली। बर्ड फ्लू को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। अब जिले से या गैर जनपदों से मुर्गों के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं पशुपालन विभाग ने सैंपल लेने के लिए नौ टीमों का गठन किया है। वहीं सीवीओ डा. एसपी पांडेय ने अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश को निरस्त कर दिया है। वहीं बर्ड फ्लू का कोई मामला अभी तक जिले में नहीं मिलने से थोड़ी राहत है।
पशुपालन विभाग ने मुख्यालय स्थित कार्यालय में बर्ड फ्लू से संबंधित एक अलग डेस्क बनाया है। जहां एक कर्मचारी संबंधित पशु चिकित्सकों से फोन पर वार्ता करके उनकी गतिविधियों को दर्ज कर रहा है। रोजाना 30 सैंपलों को जांच के लिए बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहीं सड़कों के किनारे मुर्गा बिक्री करने वाले दुकानदारों को भी बर्ड फ्लू के खतरों से अवगत कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव पशुधन भुवनेश कुमार के आदेश पर मुर्गा सहित जीवित पक्षियों के आयात निर्यात भी प्रतिबंधित हो गया है। ऐसे में गंभीर बीमारी को देखते हुए स्थानीय लोग भी मुर्गे की खरीददारी से परहेज करते दिख रहे है। जिससे कारोबार पर असर पहुंच रहा है।
जिले में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई लक्षण नहीं मिला है। मुर्गों सहित जीवित पक्षियों के जिले की सीमा में आयात, निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग की नौ टीमें लगातार चक्रमण करके रोजाना 30 सैंपल ले रही हैं। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डा. एसपी पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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चंदौली। बर्ड फ्लू दवा टैमीफ्लू टैबलेट जिले में मुहैया होनी है। लेकिन अभी यह दवा पहुंची नहीं है। सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि बर्ड फ्लू से संबंधी कोई टैबलेट नहीं पहुंची है। वैसे स्वाइन फ्लू की तरह इसके लक्षण होते हैं। इसमें खांसी, जुकाम के लक्षण होते हैं। इसके लिए जिला अस्पताल सहित सभी अस्पतालों में पूरे इंतजाम है। इस तरह की कोई शिकायत मिलने पर तत्काल टीम इलाज शुरू करेगी। इसके लिए सभी सीएचसी और पीएचसी पर सभी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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पशुपालन विभाग ने मुख्यालय स्थित कार्यालय में बर्ड फ्लू से संबंधित एक अलग डेस्क बनाया है। जहां एक कर्मचारी संबंधित पशु चिकित्सकों से फोन पर वार्ता करके उनकी गतिविधियों को दर्ज कर रहा है। रोजाना 30 सैंपलों को जांच के लिए बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। वहीं सड़कों के किनारे मुर्गा बिक्री करने वाले दुकानदारों को भी बर्ड फ्लू के खतरों से अवगत कराया जा रहा है। प्रमुख सचिव पशुधन भुवनेश कुमार के आदेश पर मुर्गा सहित जीवित पक्षियों के आयात निर्यात भी प्रतिबंधित हो गया है। ऐसे में गंभीर बीमारी को देखते हुए स्थानीय लोग भी मुर्गे की खरीददारी से परहेज करते दिख रहे है। जिससे कारोबार पर असर पहुंच रहा है।
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जिले में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई लक्षण नहीं मिला है। मुर्गों सहित जीवित पक्षियों के जिले की सीमा में आयात, निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग की नौ टीमें लगातार चक्रमण करके रोजाना 30 सैंपल ले रही हैं। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। डा. एसपी पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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चंदौली। बर्ड फ्लू दवा टैमीफ्लू टैबलेट जिले में मुहैया होनी है। लेकिन अभी यह दवा पहुंची नहीं है। सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने कहा कि बर्ड फ्लू से संबंधी कोई टैबलेट नहीं पहुंची है। वैसे स्वाइन फ्लू की तरह इसके लक्षण होते हैं। इसमें खांसी, जुकाम के लक्षण होते हैं। इसके लिए जिला अस्पताल सहित सभी अस्पतालों में पूरे इंतजाम है। इस तरह की कोई शिकायत मिलने पर तत्काल टीम इलाज शुरू करेगी। इसके लिए सभी सीएचसी और पीएचसी पर सभी चिकित्सा प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं।