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काली पट्टी बांधकर आयुष चिकित्सकों व आशाओं ने जताया विरोध
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मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आयुष चिकित्सकों व आशाओं ने मंगलवार को जिले के अस्पतालों में बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शित किया। इस दौरान उन्होंने मानदेय बढ़ाने के साथ प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने की मांग की। चेताया कि मांगें पूरी नहीं किए जाने पर चिकित्सक आइसोलेशन में जाने को बाध्य होंगे।
धानापुर। क्षेत्र के श्रीकांतपुर व पांड़ेयपुर मिल्की में आयुष चिकित्सकों एवं आशाओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के वाराणसी मंडल के अध्यक्ष डॉ.अजय कुशवाहा ने कहा कि आयुष चिकित्सकों का मानदेय उनकी ओर से दी जाने वाली सेवा की अपेक्षा बहुत कम है। संविदा पर कार्य कर रहे आयुष चिकित्सकों का मानदेय मात्र 40 हजार रुपये प्रतिमाह है। जबकि एलोपैथिक चिकित्सकों का 70 हजार है। कहा कि राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे एमओसीएच संविदा आयुष चिकित्सकों का मानदेय भी 60 हजार रुपये है। वहीं एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सकों को उनके पद के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। चेताया कि यदि संघ के मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो सभी चिकित्सक आईसोलेशन में जाने को विवश हो जाएंगे। इस मौके पर आशा निर्मला यादव, नीलम, इंदुपाल, बासमती, इंद्रावती आदि उपस्थित रहे।
चकिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय निर्देश पर स्थानीय पीएचसी पर कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही शासनादेश की प्रति जलाकर विरोध दर्ज किया। परिषद के प्रांतीय उपमहामंत्री आनंद मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भेदभाव तरीके से प्रोत्साहन धनराशि दिए जाने की वादाखिलाफी से स्वास्थ्य कर्मचारीयों में रोष व्याप्त है। सरकार ने वादा किया था कि मूल वेतन का 25 प्रतिशत समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन भत्ता के रूप में दिया जाएगा पर शासनादेश में कटौती कर कोविड-19 व दो अन्य खर्चों में विभाजित कर दिया गया। इस मौके पर पीएचसी प्रभारी डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. चंदा पटेल, विनोद कुमार, शिवप्रकाश सिंह, प्रिया सिंह, लक्ष्मी देवी, शिवनारायण, रामबली, लीलावती, विजय, संजय, मानिकचंद्र मौजूद थे।
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नौगढ़। प्रोत्साहन राशि देने में उपेक्षा से नाराज स्वास्थ्य विभाग के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों ने स्थानीय सीएचसी पर काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध करते हुए कार्य किया। सीएचसी पर नियुक्त डॉ.अमित श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश कनौजिया, डॉ. नीरज, डॉ. गंगाराम भारती व अन्य संविदाकर्मी विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य किया। डॉक्टरों ने कहा कि संविदाकर्मी जान जोखिम में डालकर कोरोना की जांच व इलाज में हर संभव मदद कर रहे हैं। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से केवल स्थाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है जबकि सारा कार्य संविदाकर्मी कर रहे हैं। सरकार संविदाकर्मियों की उपेक्षा कर रही है। चेताया कि मांगे न माने जाने पर सभी संविदाकर्मी 15 दिन बाद होम आइसोलेशन पर जाने को विवश होंगे। इस मौके पर बीसीपीएम जयप्रकाश यादव, बीएम अरविंद यादव, ऋषिकेश, एएनएम नीतू, श्याम नंदन मौजूद रहे।
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धानापुर। क्षेत्र के श्रीकांतपुर व पांड़ेयपुर मिल्की में आयुष चिकित्सकों एवं आशाओं ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के वाराणसी मंडल के अध्यक्ष डॉ.अजय कुशवाहा ने कहा कि आयुष चिकित्सकों का मानदेय उनकी ओर से दी जाने वाली सेवा की अपेक्षा बहुत कम है। संविदा पर कार्य कर रहे आयुष चिकित्सकों का मानदेय मात्र 40 हजार रुपये प्रतिमाह है। जबकि एलोपैथिक चिकित्सकों का 70 हजार है। कहा कि राज्य सरकार के अधीन कार्य कर रहे एमओसीएच संविदा आयुष चिकित्सकों का मानदेय भी 60 हजार रुपये है। वहीं एनएचएम संविदा आयुष चिकित्सकों को उनके पद के अनुरूप मानदेय नहीं दिया जा रहा है। चेताया कि यदि संघ के मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया तो सभी चिकित्सक आईसोलेशन में जाने को विवश हो जाएंगे। इस मौके पर आशा निर्मला यादव, नीलम, इंदुपाल, बासमती, इंद्रावती आदि उपस्थित रहे।
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चकिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय निर्देश पर स्थानीय पीएचसी पर कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही शासनादेश की प्रति जलाकर विरोध दर्ज किया। परिषद के प्रांतीय उपमहामंत्री आनंद मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भेदभाव तरीके से प्रोत्साहन धनराशि दिए जाने की वादाखिलाफी से स्वास्थ्य कर्मचारीयों में रोष व्याप्त है। सरकार ने वादा किया था कि मूल वेतन का 25 प्रतिशत समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रोत्साहन भत्ता के रूप में दिया जाएगा पर शासनादेश में कटौती कर कोविड-19 व दो अन्य खर्चों में विभाजित कर दिया गया। इस मौके पर पीएचसी प्रभारी डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. चंदा पटेल, विनोद कुमार, शिवप्रकाश सिंह, प्रिया सिंह, लक्ष्मी देवी, शिवनारायण, रामबली, लीलावती, विजय, संजय, मानिकचंद्र मौजूद थे।
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नौगढ़। प्रोत्साहन राशि देने में उपेक्षा से नाराज स्वास्थ्य विभाग के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों ने स्थानीय सीएचसी पर काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध करते हुए कार्य किया। सीएचसी पर नियुक्त डॉ.अमित श्रीवास्तव, डॉ. दिनेश कनौजिया, डॉ. नीरज, डॉ. गंगाराम भारती व अन्य संविदाकर्मी विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य किया। डॉक्टरों ने कहा कि संविदाकर्मी जान जोखिम में डालकर कोरोना की जांच व इलाज में हर संभव मदद कर रहे हैं। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से केवल स्थाई कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है जबकि सारा कार्य संविदाकर्मी कर रहे हैं। सरकार संविदाकर्मियों की उपेक्षा कर रही है। चेताया कि मांगे न माने जाने पर सभी संविदाकर्मी 15 दिन बाद होम आइसोलेशन पर जाने को विवश होंगे। इस मौके पर बीसीपीएम जयप्रकाश यादव, बीएम अरविंद यादव, ऋषिकेश, एएनएम नीतू, श्याम नंदन मौजूद रहे।