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बारिश के बीच कजरी का लिया लुत्फ
Updated Thu, 08 Sep 2016 01:30 AM IST
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चकिया एसडीएम आवास परिसर में आयोजित कजरी महोत्सव में उपस्थित चेयरमैन रीता चौबे व अन्य।
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लतीफशाह मेले के दूसरे दिन और भगवान श्रीकृष्ण की बरही पर स्थानीय उपजिलाधिकारी आवास परिसर में नगर पंचायत की ओर से में कजरी महोत्सव का आयोजन हुआ। जिसमें कजरी की विभिन्न विधाओं का प्रदर्शन गायकों ने किया।
भारी बरसात के बावजूद कजरी गीतों को सुनने की ललक में भारी भीड़ जुटी। लोगों ने बनारसी कजरी, मिर्जापुरी कजरी, झूमर कजरी, ढुनमुनियां कजरी के साथ ही बिहार में गाई जाने वाली कजरी का आनंद उठाया। कलाकारों ने कजरी के विभिन्न रूपों पावसी प्राकृतिक सौंदर्य, सावनी, घटाएं, पर्वगीत, झूलागीत, बरखागीत, संयोग-वियोग, आमोद-प्रमोद, लोक संस्कृति, परंपराओं एवं देश गीत, समाज गीत, शौर्य गीत का सौंदर्य बोध कराया। प्रतियोगिता में रामजनम भारती, सानिया मंसूर, श्यामनारायण यादव, जय शंकर मद्वेशिया, मंगला चौहान, भिखारी कुशवाहा, दयाशंकर सिंह, भानुप्रताप शर्मा ने गायन प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक बृजराज उपाध्याय, बृज बिहारी अमिट तथा हरिबंश सिंह बवाल थे। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष रीता चौबे ने कहा कि कजरी की स्वर लहरियां ग्रामीण संस्कृति की आत्मा में रची-बसी हैं। कजरी के गीतों से मानव मन में अतिरिक्त उत्साह का संचार होता है। ऋतु गीतों में कजरी के गायन की परंपरा भारतीय संस्कृति के प्रभाव को दर्शाती हैं। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी जवाहर लाल श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, परशुराम सिंह, नायब तहसीलदार, राजाराम, सभासद गुरुदेव चौहान, गौरव श्रीवास्तव, कल्लू, मदन प्रसाद गुप्ता, राजनाथ, शमशेर सिंह एडवोकेट आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. हौशिला प्रसाद द्विवेदी ने किया।
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भारी बरसात के बावजूद कजरी गीतों को सुनने की ललक में भारी भीड़ जुटी। लोगों ने बनारसी कजरी, मिर्जापुरी कजरी, झूमर कजरी, ढुनमुनियां कजरी के साथ ही बिहार में गाई जाने वाली कजरी का आनंद उठाया। कलाकारों ने कजरी के विभिन्न रूपों पावसी प्राकृतिक सौंदर्य, सावनी, घटाएं, पर्वगीत, झूलागीत, बरखागीत, संयोग-वियोग, आमोद-प्रमोद, लोक संस्कृति, परंपराओं एवं देश गीत, समाज गीत, शौर्य गीत का सौंदर्य बोध कराया। प्रतियोगिता में रामजनम भारती, सानिया मंसूर, श्यामनारायण यादव, जय शंकर मद्वेशिया, मंगला चौहान, भिखारी कुशवाहा, दयाशंकर सिंह, भानुप्रताप शर्मा ने गायन प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक बृजराज उपाध्याय, बृज बिहारी अमिट तथा हरिबंश सिंह बवाल थे। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष रीता चौबे ने कहा कि कजरी की स्वर लहरियां ग्रामीण संस्कृति की आत्मा में रची-बसी हैं। कजरी के गीतों से मानव मन में अतिरिक्त उत्साह का संचार होता है। ऋतु गीतों में कजरी के गायन की परंपरा भारतीय संस्कृति के प्रभाव को दर्शाती हैं। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी जवाहर लाल श्रीवास्तव, अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार मिश्र, परशुराम सिंह, नायब तहसीलदार, राजाराम, सभासद गुरुदेव चौहान, गौरव श्रीवास्तव, कल्लू, मदन प्रसाद गुप्ता, राजनाथ, शमशेर सिंह एडवोकेट आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. हौशिला प्रसाद द्विवेदी ने किया।
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