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समरसता और सेवा की प्रतीक थीं अहिल्याबाई होल्कर : अरुण द्विवेदी
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चंदौली में अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाते कांग्रेस कार्यकर्ता। स्रोत:-जागरूक पाठक
- फोटो : रामपुर कोड़री में कुत्ते के हमले में घायल सुनीता।
चंदौली। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को चन्द्रा त्रिपाठी कांग्रेस भवन स्थित कार्यालय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने की। वक्ताओं ने उनके जीवन, सामाजिक योगदान और महिला सशक्तिकरण में निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डाला।
महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कराया। काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने देश के सांस्कृतिक और धार्मिक उत्थान को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने विधवा महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने और जरूरतमंदों की सहायता करने का कार्य किया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने उन्हें मालवा क्षेत्र की विनम्र एवं उदार शासिका, महान शिवभक्त और समाज सुधारक बताया। कार्यक्रम के दौरान काशी के मणिकर्णिका घाट पर स्थापित अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने का मुद्दा भी उठाया गया।
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वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के दौरान हेरिटेज स्थल पर हुई तोड़फोड़ में उनकी प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचा था। इस घटना को लेकर लोगों में व्यापक नाराजगी रही।
इस अवसर पर राजेंद्र गौतम, मुनीर खान, गंगा प्रसाद, गुलाब राम, दीनदयाल विश्वकर्मा, रामौतार यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में अनेक मंदिरों और तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार कराया। काशी विश्वनाथ मंदिर और सोमनाथ मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने देश के सांस्कृतिक और धार्मिक उत्थान को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने विधवा महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने और जरूरतमंदों की सहायता करने का कार्य किया। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।
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जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने उन्हें मालवा क्षेत्र की विनम्र एवं उदार शासिका, महान शिवभक्त और समाज सुधारक बताया। कार्यक्रम के दौरान काशी के मणिकर्णिका घाट पर स्थापित अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने का मुद्दा भी उठाया गया।
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वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के दौरान हेरिटेज स्थल पर हुई तोड़फोड़ में उनकी प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचा था। इस घटना को लेकर लोगों में व्यापक नाराजगी रही।
इस अवसर पर राजेंद्र गौतम, मुनीर खान, गंगा प्रसाद, गुलाब राम, दीनदयाल विश्वकर्मा, रामौतार यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।