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अनुपूरक बजट आने के बाद शिक्षामित्रों में मानदेय बढ़ने की जगी आस
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पीडीडीयू नगर। विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश सरकार ने विगत बुधवार को अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व आंगनबाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि के लिए 265.7 करोड़ रुपये, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि के लिए 129.78 करोड़ रुपये व शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के लिए 123.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी जानकारी होने के बाद जनपद के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है।
मानदेय बढ़ाने के लिए शिक्षामित्र काफी दिनों से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने ने इसके लिए जिला मुख्यालयों सहित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन किया था। उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का फैसला किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मानदेय में कितने रुपये की वृद्धि की जाएगी। जनपद में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक शिक्षा में कार्यरत 1227 शिक्षामित्र कम मानदेय मिलने से तंगहाली का जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। इसके चलते शिक्षामित्रों का हर त्योहार भी फीका रहता है। अब सरकार द्वारा पेश अनुपूरक बजट में उनका मानदेय बढ़ाने के लिए 123.55 करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने पर शिक्षा मित्रों में मानदेय बढ़ने की आस जगी है। इसे लेकर शिक्षामित्रों में हर्ष है। जनपद में सर्वशिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को अभी प्रति माह 10 हजार रुपए मानदेय दिया जाता है। कम मानदेय मिलने से उन्हें गृहस्थी की गाड़ी चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मानदेय बढ़ाने के लिए शिक्षामित्र काफी दिनों से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने ने इसके लिए जिला मुख्यालयों सहित प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन किया था। उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का फैसला किया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मानदेय में कितने रुपये की वृद्धि की जाएगी। जनपद में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक शिक्षा में कार्यरत 1227 शिक्षामित्र कम मानदेय मिलने से तंगहाली का जीवन व्यतीत करने को विवश हैं। इसके चलते शिक्षामित्रों का हर त्योहार भी फीका रहता है। अब सरकार द्वारा पेश अनुपूरक बजट में उनका मानदेय बढ़ाने के लिए 123.55 करोड़ रुपए का प्रावधान किए जाने पर शिक्षा मित्रों में मानदेय बढ़ने की आस जगी है। इसे लेकर शिक्षामित्रों में हर्ष है। जनपद में सर्वशिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को अभी प्रति माह 10 हजार रुपए मानदेय दिया जाता है। कम मानदेय मिलने से उन्हें गृहस्थी की गाड़ी चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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