{"_id":"b99fab4d605e5fc81af8e7fb5f735b22","slug":"after-getting-the-win-face-delighted-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीत मिलते ही खिल उठे चेहरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीत मिलते ही खिल उठे चेहरे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 14 Dec 2015 01:37 AM IST
विज्ञापन
जिले के 734 ग्राम प्रधान और 9090 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के लगभग सभी
विज्ञापन
परिणाम रविवार की देर रात तक घोषित हो गए। हांलाकि 528 प्रधानों की ही
जानकारी हो पाई।
नौ विकास खंडों में अलग अलग स्थानों पर बनाए गए मतगणना केंद्रों पर रविवार की सुबह सात बजे मतगणना शुरू हुई, तो देर रात तक चलती रही। ग्राम पंचायतों के छोटी होने से पर्याप्त मतगणना कर्मी लगाए जाने की वजह से सुबह से ही प्रधान पद के परिणाम सामने आने लगे थे।
देर रात तक लगभग सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो चुका था। मतगणना में साढ़े तीन हजार कर्मचारी लगाए गए थे। जीत मिलते ही प्रत्याशी खुशी से चहक उठे।
लंबे इंतजार के बाद मतगणना केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतगणना का कार्य शुरू हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद केंद्रों पर सुबह छह बजे से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ केंद्रों पर जुटने लगी थी।
केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए और बैरीकेडिंग की गई। प्रत्याशियों और समर्थकों को केंद्र से दूर रोका गया और एबीसीडी के क्रम में गांवों के बैलेट बाक्स को खोला गया।
मतदान केंद्रों पर जिस गांव का बैलेट बाक्स खोला जाता, उस गांव का नाम पुकारा जाता। प्रत्याशी अथवा उसके एजेंट के पहुंचने पर गिनती शुरू होती।
गिनती के बाद विजयी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाती। जीत की घोषणा होते ही विजयी प्रत्याशी खुशी से झूमने लगते। निर्वाचन आयोग के निर्देश की वजह से विजयी उम्मीदवार ने वहां तो जुलूस नहीं निकाला लेकिन गांव में पहुंच कर भव्य जुलूस निकाला और मिठाइयां बांटी।
वहीं जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न मतगणना केंद्रों पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।
नौ विकास खंडों में अलग अलग स्थानों पर बनाए गए मतगणना केंद्रों पर रविवार की सुबह सात बजे मतगणना शुरू हुई, तो देर रात तक चलती रही। ग्राम पंचायतों के छोटी होने से पर्याप्त मतगणना कर्मी लगाए जाने की वजह से सुबह से ही प्रधान पद के परिणाम सामने आने लगे थे।
देर रात तक लगभग सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो चुका था। मतगणना में साढ़े तीन हजार कर्मचारी लगाए गए थे। जीत मिलते ही प्रत्याशी खुशी से चहक उठे।
लंबे इंतजार के बाद मतगणना केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतगणना का कार्य शुरू हुआ। कड़ाके की ठंड के बावजूद केंद्रों पर सुबह छह बजे से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ केंद्रों पर जुटने लगी थी।
केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए और बैरीकेडिंग की गई। प्रत्याशियों और समर्थकों को केंद्र से दूर रोका गया और एबीसीडी के क्रम में गांवों के बैलेट बाक्स को खोला गया।
मतदान केंद्रों पर जिस गांव का बैलेट बाक्स खोला जाता, उस गांव का नाम पुकारा जाता। प्रत्याशी अथवा उसके एजेंट के पहुंचने पर गिनती शुरू होती।
गिनती के बाद विजयी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाती। जीत की घोषणा होते ही विजयी प्रत्याशी खुशी से झूमने लगते। निर्वाचन आयोग के निर्देश की वजह से विजयी उम्मीदवार ने वहां तो जुलूस नहीं निकाला लेकिन गांव में पहुंच कर भव्य जुलूस निकाला और मिठाइयां बांटी।
वहीं जिला स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न मतगणना केंद्रों पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।