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Chandauli News: 12 साल बाद एक सीजन में तीसरी बार चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचीं गंगा
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पीडीडीयू नगर/चहनिया। जिले में गंगा का जल स्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की रात से गंगा का जलस्तर 3 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। रविवार शाम चार बजे तक जल स्तर 69.81 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से मात्र 45 सेंटीमीटर नीचे है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रफ्तार रही तो सोमवार तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर जाएगा। जिले में वर्ष 2013 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि महज एक माह में तीसरी बार गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंचा है। इस वर्ष दो अगस्त को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया था और बाढ़ आ गई थी। 7 अगस्त से जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 26 अगस्त से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा और 29 अगस्त को चेतावनी बिंदु को पार करते हुए जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। 30 अगस्त से गंगा का जलस्तर कम होने लगा था, पर 5 सितंबर से फिर से पानी बढ़ने लगा। शनिवार रात 8 बजे तक जल स्तर 69.21 मीटर था, जो रविवार दोपहर तक 69.75 मीटर और शाम चार बजे तक 69.81 मीटर पर पहुंच गया।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। चहनिया के पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा तट पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। पुरा विजयी, पुरा गणेश, चकरा, नादी और पकड़ी गांव के सीवान तक पानी पहुंच चुका है। वहीं, भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, डेरवा कला, महुअर कला, गंगापुर, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर और नौदर समेत दर्जनों गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हो उठे हैं।
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-चेतावनी बिंदु-- -70.26 मीटर
-- खतरे का निशान-- 71.26 मीटर
-अधिकतम बाढ़ बिंदु-- 73.90
-रविवार को जलस्तर-- 69.81 मीटर
प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अगर कहीं भी बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन उनके साथ है। कहीं कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोगों को सभी प्रकार की मदद दी जाएगी और प्रशासन सतर्क है। -चंद्रमोहन गर्ग, डीएम, चंदौली
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विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यही रफ्तार रही तो सोमवार तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर जाएगा। जिले में वर्ष 2013 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि महज एक माह में तीसरी बार गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु तक पहुंचा है। इस वर्ष दो अगस्त को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया था और बाढ़ आ गई थी। 7 अगस्त से जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 26 अगस्त से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा और 29 अगस्त को चेतावनी बिंदु को पार करते हुए जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया। 30 अगस्त से गंगा का जलस्तर कम होने लगा था, पर 5 सितंबर से फिर से पानी बढ़ने लगा। शनिवार रात 8 बजे तक जल स्तर 69.21 मीटर था, जो रविवार दोपहर तक 69.75 मीटर और शाम चार बजे तक 69.81 मीटर पर पहुंच गया।
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गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। चहनिया के पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा तट पर बने मंदिर पानी में डूब गए हैं। पुरा विजयी, पुरा गणेश, चकरा, नादी और पकड़ी गांव के सीवान तक पानी पहुंच चुका है। वहीं, भूपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, डेरवा कला, महुअर कला, गंगापुर, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर और नौदर समेत दर्जनों गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हो उठे हैं।
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-चेतावनी बिंदु
-अधिकतम बाढ़ बिंदु
-रविवार को जलस्तर
प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अगर कहीं भी बाढ़ की स्थिति बनती है तो लोगों को डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन उनके साथ है। कहीं कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोगों को सभी प्रकार की मदद दी जाएगी और प्रशासन सतर्क है। -चंद्रमोहन गर्ग, डीएम, चंदौली