{"_id":"6a5691f3d05953e5420ff40e","slug":"administration-on-alert-ahead-of-floods-41-flood-outposts-active-chandauli-news-c-189-1-svns1010-151391-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: बाढ़ से पहले प्रशासन अलर्ट, 41 बाढ़ चौकियां सक्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: बाढ़ से पहले प्रशासन अलर्ट, 41 बाढ़ चौकियां सक्रिय
विज्ञापन
चंदौली। मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में बाढ़ आपदा प्रबंधन की अंतर विभागीय समन्वय बैठक हुई, जिसमें बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की 41 बाढ़ चौकियों और राहत शरणालयों का स्वयं भौतिक सत्यापन करें। शिविरों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सिंचाई और राजस्व विभाग को सरकारी व निजी नावों की उपलब्धता की जांच करने, नाविकों का डेटाबेस तैयार रखने तथा तटबंधों और बंधियों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख नालों और ड्रेनों की सिल्ट सफाई युद्धस्तर पर कराने को कहा, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
स्वास्थ्य विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस, एंटी-स्नेक वेनम सहित सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और मोबाइल मेडिकल टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। सभी सीएचसी और पीएचसी में एंटीवेनम की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र भी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग को विस्थापित होने वाले पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और टीकाकरण अभियान पूरा करने, जबकि लोक निर्माण विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों के संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त और आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को बाढ़ के दौरान सब-स्टेशन या ट्रांसफॉर्मर के पास जलभराव होने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करने और सोलर व मूवेबल लाइट की व्यवस्था करने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आपदा की स्थिति में उन्हें प्राथमिकता पर सहायता दी जा सके। बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की 41 बाढ़ चौकियों और राहत शरणालयों का स्वयं भौतिक सत्यापन करें। शिविरों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सिंचाई और राजस्व विभाग को सरकारी व निजी नावों की उपलब्धता की जांच करने, नाविकों का डेटाबेस तैयार रखने तथा तटबंधों और बंधियों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत तत्काल पूरी कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रमुख नालों और ड्रेनों की सिल्ट सफाई युद्धस्तर पर कराने को कहा, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन टैबलेट, ओआरएस, एंटी-स्नेक वेनम सहित सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और मोबाइल मेडिकल टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। सभी सीएचसी और पीएचसी में एंटीवेनम की उपलब्धता का प्रमाण-पत्र भी तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग को विस्थापित होने वाले पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और टीकाकरण अभियान पूरा करने, जबकि लोक निर्माण विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों के संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त और आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को बाढ़ के दौरान सब-स्टेशन या ट्रांसफॉर्मर के पास जलभराव होने पर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद करने और सोलर व मूवेबल लाइट की व्यवस्था करने को कहा गया।
डीएम ने कहा कि बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि आपदा की स्थिति में उन्हें प्राथमिकता पर सहायता दी जा सके। बैठक में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला आपदा विशेषज्ञ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।