UP News: चंदौली में तेलंगाना पुलिस के हत्थे चढ़े दो जालसाज, घर से 9.81 करोड़ रुपये नकद बरामद
तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को जालसाजी के मामले में चंदौली से दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके घर से 9.81 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए।
विस्तार
ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को चंदौली से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 9.81 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं। तेलंगाना पुलिस ने बुधवार को चंदौली के रविनगर स्थित एक आवास पर छापा मारा और अभिषेक जैन समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
उनसे बरामद रुपयों को बैग में भरकर पुलिस मुगलसराय कोतवाली ले गई। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक, सीओ पीडीडीयू नगर समेत वाराणसी से इनकम टैक्स टीम व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी पहुंचे और आरोपी से पूछताछ की। इसके बाद दोनों आरोपियों को चंदौली स्थित सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना पुलिस को सौंप दिया। बरामद रकम भी ले जाने की इजाजत दे दी।
दरअसल तेलंगाना राज्य के एक व्यक्ति ने साइबराबाद स्थित साइबर क्राइम सेल में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये लगभग 22 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। इसकी जांच में पीडीडीयू नगर निवासी अभिषेक जैन का नाम सामने आया। जिससे तेलंगाना से इंस्पेक्टर आशीष रेड्डी व एसआई नरसिम्हा राव दो कांस्टेबल लेकर वारंट के साथ मुगलसराय कोतवाली पहुंचे।
औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने मुगलसराय पुलिस को साथ लेकर रविनगर स्थित आरोपी के आवास पर दबिश दी। वहां से 9.81 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक जैन व उसके सहयोगी कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
डब्बा ट्रेडिंग का मामला आ रहा सामने
ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक जैन के तार डब्बा ट्रेडिंग से जुड़ रहे है। सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन कई ऐसे एप हैं जिनसे सभी सरकारी संस्थाओं को दरकिनार कर सीधे ट्रेडिंग का कार्य होता है। इसे डब्बा ट्रेडिंग कहते है।
सामान्य तौर पर एक पंजीकृत ब्रोकरेज हाउस के यहां ट्रेडिंग खाता खोलकर बाजार में ही ट्रेडिंग होती है। यह ब्रोकरेज हाउस निवेशकों और एनएसई व बीएसई एक्सचेंजों के बीच एक एजेंट का काम करता है। जबकि एक डब्बा आपरेटर खुद ही पूरा काम करता है। डब्बा ट्रेडिंग में सरकार के पास किसी भी व्यक्ति का कोई भी डेटा नहीं होता है।
ऐसे में काली कमाई करने वाले बड़े व्यापारी ही डब्बा ट्रेडिंग के माध्यम से कार्य करते है। इसमें बुकी अपने नेटवर्क से जुड़े लोगों की रकम को शेयर मार्केट की तर्ज पर ट्रेडिंग कराता है। इसमें भी लोगों को घाटा और मुनाफा होता है। लोगों को घाटा होने पर रकम बुकी के पास आ जाती है, वहीं मुनाफा होने पर उसका भुगतान बुकी को करना होता है। जब बुकी को लोगों को अधिक भुगतान करना पड़ता है तो वह इस कार्य को बंद कर देता है। ऑनलाइन चलने वाले इस अवैध कारोबार में बुकी को ट्रेस कर पाना काफी मुश्किल होता है।
हवाला नेटवर्क से भी जुड़े हैं तार
ऑनलाइन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक जैन के पास से बरामद 9.81 रुपयों को लेकर पुलिस की टीम जांच करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार डब्बा ट्रेडिंग के दौरान रुपयों के लेनदेन का हवाला नेटवर्क में इस्तेमाल होता है। जांच में पता चला है कि ट्रेडिंग के दौरान यह रकम हवाला नेटवर्क से वाराणसी के एक व्यक्ति के जरिये अभिषेक तक पहुंचती थी। उसके घर से मिली रकम के बारे में पुलिस जांच कर रही है।
अभिषेक के अधिवक्ता ओपी शुक्ला ने बताया कि उनके क्लाइंट नेटवर्किंग के जरिये शेयर ट्रेडिंग का कार्य करते हैं। किसी व्यक्ति को शेयर ट्रेडिंग में नुकसान हुआ, जिसमें अभिषेक के नाम से एफआईआर दर्ज कराई गई है। अभिषेक ने रकम वापस किए जाने की बात पुलिस को बताई है। जबकि घर से बरामद नकदी ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाले कई लोगों को होने वाले मुनाफे की रकम थी, जिसे उन्हें एकाउंट के माध्यम से वापस करना था।