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Chandauli News: अवैध निजी अस्पतालों व क्लीनिक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित
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बलिया। जिले में चट्टी-चौराहों पर बिना पंजीकरण के चल रहे निजी अस्पतालों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े रुख अपनाए हैं। अवैध निजी अस्पतालों व क्लीनिक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
अवैध निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ अमर उजाला की ओर से लगातार खबर प्रकाशित की जा रही है। खबर का संज्ञान लेकर डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव वर्मन ने अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसने का खाका तैयार कर लिया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र दास, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पद्मावती व डॉक्टर अभिषेक मिश्र के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है। साथ ही 17 विकास खंडों के सीएचसी व पीएचसी प्रभारी को भी पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र में अपंजीकृत और अमानक निजी अस्पतालों व पैथाेलॉजी की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में 400 के करीब अवैध निजी अस्पताल व क्लीनिक संचालित होते हैं। इनमें अप्रशिक्षित चिकित्सक व कर्मचारी काम करते हैं। गांव-गांव फैले इनके एजेंट कमीशन के चक्कर में मरीजों को बरगला कर लाते हैं। पिछले आठ महीने में अलग-अलग थाना क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम में सात महिलाओं व नवजात की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने चार निजी अस्पताल को सील कर जांच कर रही है।
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सीएमओ कार्यालय के आसपास 13 से ज्यादा अवैध निजी अस्पताल संचालित हैं। जिले में करीब 100 निजी अस्पताल और क्लीनिक सीएमओ कार्यालय में रजिस्टर्ड हैं। विभाग की मिलीभगत कहें या लापरवाही मरीजों के लिए जान पर आफत बनी है। कार्रवाई न होने पर अवैध अस्पतालों का बेखौफ संचालन किया जा रहा है। सीएमओ के निर्देश पर गठित जांच कमेटी मानक के विपरीत संचालित अस्पतालों, जांच केंद्रों की जांच कर कार्रवाई करेगी।
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शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध अस्पताल संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बिना पंजीकृत अस्पतालों और क्लिनिक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। साथ ही 17 ब्लाॅक के चिकित्साधिकारियों को अवैध क्लीनिक की जांच करने के पश्चात कठोर कार्रवाई के लिए पत्र जारी किए गए हैं।-- -- डाॅ. संजीव वर्मन, सीएमओ बलिया।
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अवैध निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ अमर उजाला की ओर से लगातार खबर प्रकाशित की जा रही है। खबर का संज्ञान लेकर डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव वर्मन ने अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसने का खाका तैयार कर लिया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र दास, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पद्मावती व डॉक्टर अभिषेक मिश्र के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है। साथ ही 17 विकास खंडों के सीएचसी व पीएचसी प्रभारी को भी पत्र जारी कर अपने-अपने क्षेत्र में अपंजीकृत और अमानक निजी अस्पतालों व पैथाेलॉजी की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में 400 के करीब अवैध निजी अस्पताल व क्लीनिक संचालित होते हैं। इनमें अप्रशिक्षित चिकित्सक व कर्मचारी काम करते हैं। गांव-गांव फैले इनके एजेंट कमीशन के चक्कर में मरीजों को बरगला कर लाते हैं। पिछले आठ महीने में अलग-अलग थाना क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम में सात महिलाओं व नवजात की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने चार निजी अस्पताल को सील कर जांच कर रही है।
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सीएमओ कार्यालय के आसपास 13 से ज्यादा अवैध निजी अस्पताल संचालित हैं। जिले में करीब 100 निजी अस्पताल और क्लीनिक सीएमओ कार्यालय में रजिस्टर्ड हैं। विभाग की मिलीभगत कहें या लापरवाही मरीजों के लिए जान पर आफत बनी है। कार्रवाई न होने पर अवैध अस्पतालों का बेखौफ संचालन किया जा रहा है। सीएमओ के निर्देश पर गठित जांच कमेटी मानक के विपरीत संचालित अस्पतालों, जांच केंद्रों की जांच कर कार्रवाई करेगी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध अस्पताल संचालन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बिना पंजीकृत अस्पतालों और क्लिनिक की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। साथ ही 17 ब्लाॅक के चिकित्साधिकारियों को अवैध क्लीनिक की जांच करने के पश्चात कठोर कार्रवाई के लिए पत्र जारी किए गए हैं।