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Chandauli News: गिरधरपुर गांव में 5 दिनों तक रहेगा भेलहिया मेला
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दीपावली पर गिरधरपुर गांव में लगने वाले भेलहिया मेले की अनूठी परंपरा है। मेले में भेला (भिलावा) के रसपान की परंपरा निभाई जाती है। सांस और दमा की परेशानी से पीड़ित लोग इस परंपरा के चलते जौनपुर ही नहीं, बिहार, बंगाल और प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी पहुंचते हैं।
आठ नवंबर से शुरू होने वाला यह मेला पांच दिनों तक चलेगा। लोहता गांव निवासी राजदेव ने बताया कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में राउर बाबा और माता भुनगा के मंदिर तथा दरगाह के पास मेले का आयोजन होता है।
श्रद्धालु सबसे पहले पोखरे में स्नान करते हैं। इसके बाद मंदिर में पूजा-अर्चना कर निरोग रहने की कामना करते हैं। फिर सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित लोग भेले का रसपान करते हैं। मान्यता है कि इसके सेवन से दमा जैसी बीमारियों में लाभ मिलता है। हालांकि, इसके औषधीय लाभ का कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।
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आठ नवंबर से शुरू होने वाला यह मेला पांच दिनों तक चलेगा। लोहता गांव निवासी राजदेव ने बताया कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में राउर बाबा और माता भुनगा के मंदिर तथा दरगाह के पास मेले का आयोजन होता है।
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श्रद्धालु सबसे पहले पोखरे में स्नान करते हैं। इसके बाद मंदिर में पूजा-अर्चना कर निरोग रहने की कामना करते हैं। फिर सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित लोग भेले का रसपान करते हैं। मान्यता है कि इसके सेवन से दमा जैसी बीमारियों में लाभ मिलता है। हालांकि, इसके औषधीय लाभ का कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।
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