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मांगों के समर्थन में आशाओं का प्रदर्शन
Chandauli
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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चंदौली। आशा कर्मचारी यूनियन के तत्वावधान में कार्यकत्रियों ने नगर में जुलूस निकालकर मांगों के समर्थन में डीएम और सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ।
इस अवसर पर जिला संयोजक लालचंद सिंह ने कहा कि सरकार पिछले दो वर्षों से नव उदार नीतियों को चलाए हुए है। इन्हीं नीतियों के तहत सरकार ने विभिन्न योजनाएं की है। योजनाएं स्थाई नहीं हैं, जो किसी भी समय बंद हो सकती हैं। इस नीति के विरोध में हम सभी आशा बहनों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को एकजुट होकर ताकत का एहसास सरकार को कराना होगा। रामप्यारे यादव ने कहा कि आशाओं को मानदेय नहीं वेतन चाहिए। इन्हें सेवानिवृत्त होने के बाद अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति पेंशन और जो भी सरकारी सुविधाएं हैं दी जानी चाहिए। आशाएं आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। ऐसे में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कहा कि अप्रैल 2011 से मार्च 2012 तक गर्भवती महिलाओं की जटिलता का पैसा नहीं मिल पाया है। अत: भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर विजय लक्ष्मी, सुषमा राव, कुसुमलता, अर्चना, पुष्पा, तारा, मंजू, राधिका, सरिता, शकुंतला, सुमन, रेखा, मीरा, प्रेमलता देवी, राजश्री आदि उपस्थित रहीं।
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इस अवसर पर जिला संयोजक लालचंद सिंह ने कहा कि सरकार पिछले दो वर्षों से नव उदार नीतियों को चलाए हुए है। इन्हीं नीतियों के तहत सरकार ने विभिन्न योजनाएं की है। योजनाएं स्थाई नहीं हैं, जो किसी भी समय बंद हो सकती हैं। इस नीति के विरोध में हम सभी आशा बहनों और अन्य विभागों के कर्मचारियों को एकजुट होकर ताकत का एहसास सरकार को कराना होगा। रामप्यारे यादव ने कहा कि आशाओं को मानदेय नहीं वेतन चाहिए। इन्हें सेवानिवृत्त होने के बाद अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति पेंशन और जो भी सरकारी सुविधाएं हैं दी जानी चाहिए। आशाएं आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं। ऐसे में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कहा कि अप्रैल 2011 से मार्च 2012 तक गर्भवती महिलाओं की जटिलता का पैसा नहीं मिल पाया है। अत: भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर विजय लक्ष्मी, सुषमा राव, कुसुमलता, अर्चना, पुष्पा, तारा, मंजू, राधिका, सरिता, शकुंतला, सुमन, रेखा, मीरा, प्रेमलता देवी, राजश्री आदि उपस्थित रहीं।