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कलश यात्रा ने बिखेरी आध्यात्मिक ऊर्जा
Chandauli
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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चकिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में मां काली मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ तथा प्रज्ञा पुराण कथा के शुभारंभ के मौके पर सोमवार को निकली मंगल कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिकता की रौनक बिखेरी। यात्रा में शामिल झांकियों ने भारतीय संस्कृति के विविध आयामों को प्रस्तुत किया। इस दौरान राष्ट्रवाद तथा भारतीय संस्कृति से जुड़े नारों से पूरा नगर भक्ति तथा राष्ट्रवाद से गुंजायमान रहा। 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ तथा प्रज्ञा पुराण कथा के शुभारंभ के अवसर पर 251 कलशों की यात्रा सोमवार को सुबह काली मंदिर परिसर से आरंभ हुई। पीतवस्त्रधारी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश उठा रखा था। यात्रा में बैंडबाजा, ढोल नगाड़े की पेशबंदी ने जुलूस को ताकत दी। जुलूस में आगे मां गायत्री, भारत माता, पूज्यनीय गुरुजी वंदनीय माता जी, राम, लक्ष्मण, सीता, यज्ञ करते ऋषियों की टोली जैसी झांकियों ने समां बांध दिया। इस दौरान गायत्री परिजनों द्वारा भारतीय संस्कृति से संबंधित नारों ने नगर के वातावरण को आध्यात्मिकता में लवरेज किया। कलश यात्रा के दौरान श्रवण जायसवाल, राजकुमार जायसवाल ने गांधी पार्क में, राजाराम पांडेय ने गुरुद्वारा के पास, सरदार कुलवंत सिंह ने अपने आवास पर, रोडवेज स्टैंड के पास अचल जायसवाल ने पानी टंकी के पास राममूरत कुशवाहा ने संतोष श्रीवास्तव ने बीपी सिंह के मोड़ के पास, रोहित जनरल स्टोर के पास कमलेश गुप्ता ने तथा राधेश्याम वर्मा, जीउतलाल चौरसिया, रामकिशोर शर्मा बेहद, शिवजनम जायसवाल, रमेश गुप्ता आदि लोग शामिल रहे। शोभा यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी युगांधर सेवा समिति तथा जन कल्याण सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने सभा की।
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