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तहसील व कॉल सेंटरो पर उमड़ रही किसानों की भीड़
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चकिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के अंतर्गत वर्ष भर में लघु सीमांत तथा सीमांत किसानो को छह हजार रुपये वार्षिक देने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने का कार्य आरंभ हो गया है। वहीं सम्मान निधि के लाभार्थी किसान सूची में नाम न होने से किसान परेशान हैं। सत्यापन कराने की कवायद को लेकर किसानो की भारी भीड़ तहसील व कॉल सेंटरो पर उमड़ रही है। वहीं योजना से बाहर लोगों में मायूसी दिख रही है।
किसान सम्मान निधि की सूची सत्यापन के लिए लेखपालों ने ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को दे दी है। बावजूद इसके गांवो में सत्यापन के दौरान कर्मचारियों के न पहुंचने से किसान परेशान हैं। इससे किसानो की भीड़ तहसील परिसर व कॉल सेंटरो पर बढ़ती जा रही है। तहसीलदार शैलेंद्र कुमार के अनुसार सूची में नाम वाले किसानों का सत्यापन करने के साथ ही आधार कार्ड व राशि भेजने के लिए बैंक पासबुक की छायाप्रति मांगी जा रही है। जिन किसानों के नाम सूची में नही है और उनके पास आठ बीघे से कम जमीन है, उनका रजिस्ट्रेशन उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में बने शिविर के अलावा कॉल सेंटरो पर किया जा रहा है। वहीं एसडीएम दीप्तिदेव यादव ने कहा कि किसानों के सत्यापन में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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किसान सम्मान निधि की सूची सत्यापन के लिए लेखपालों ने ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को दे दी है। बावजूद इसके गांवो में सत्यापन के दौरान कर्मचारियों के न पहुंचने से किसान परेशान हैं। इससे किसानो की भीड़ तहसील परिसर व कॉल सेंटरो पर बढ़ती जा रही है। तहसीलदार शैलेंद्र कुमार के अनुसार सूची में नाम वाले किसानों का सत्यापन करने के साथ ही आधार कार्ड व राशि भेजने के लिए बैंक पासबुक की छायाप्रति मांगी जा रही है। जिन किसानों के नाम सूची में नही है और उनके पास आठ बीघे से कम जमीन है, उनका रजिस्ट्रेशन उपजिलाधिकारी कार्यालय परिसर में बने शिविर के अलावा कॉल सेंटरो पर किया जा रहा है। वहीं एसडीएम दीप्तिदेव यादव ने कहा कि किसानों के सत्यापन में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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