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झाड़ झंखाड़ से पटी माइनरें, कैसे होगी सिंचाई
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:45 AM IST
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कमालपुर। भुपौली मुख्य नहर से निकली माइनरों की सफाई न होने किसानों की सिंचाई की व्यवस्था चरमरा गई है। जबकि माइनरें कूड़ा करकट और सिल्ट से पूरी तरह पटी हुई हैं और जगह जगह क्षतिग्रस्त भी है। इसको लेकर किसानों में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी है। जबकि पिछले वर्षमाइनर के टूटने के कारण जनौली और जमुरखा गांव की सैकड़ोे एकड़ गेंहू की फसल बर्बाद हो गई थी।
भुपौली मुख्य से संबद्ध धानापुर राजवाहा से कई माइनरें निकली हैं। इसमें भदाहु ख़रीहनिया, कंधरापुर कुसुम्ही, बनवा अटौली, बहेरी बसगावा, जमूर्खा कमालपुर, रैथा बरहन, महुरा प्रह्लादपुर, एवती सिसौड़ा आदि माइनरों से सैकड़ों गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती हैं। लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते उक्त माइनरें झाड़ झंखाड़ और सिल्ट से पूरी तरह पट गई हैं । जबकि पिछले वर्ष माइनर के टूटने के कारण क्षेत्र के जनौली, बहेरी और जमुरखा गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ो एकड़ रबी की फसल जलमग्न हो गई थी। जबकि एवती माइनर की पानी की निकासी न होने के कारण टेल पर स्थित बघरी और सिसौड़ा के किसानों की फसल बर्बाद होती हैं। जिससे किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान होता हैं। किसान अनिल सिंह, रविंद्र सिंह, सुभाष राय, बाकेसिंह, अजय सिंह टप्पू, श्रीराम आदि किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के लापरवाही के चलते माइनरों की सफाई नही हो पायी हैं। जिससे किसानों के सामने अपनी फसल की सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई हैं। किसानों ने जिला अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त माइनरों की सफाई कराने की मांग किया हैं।
भुपौली मुख्य से संबद्ध धानापुर राजवाहा से कई माइनरें निकली हैं। इसमें भदाहु ख़रीहनिया, कंधरापुर कुसुम्ही, बनवा अटौली, बहेरी बसगावा, जमूर्खा कमालपुर, रैथा बरहन, महुरा प्रह्लादपुर, एवती सिसौड़ा आदि माइनरों से सैकड़ों गांवों की हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होती हैं। लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते उक्त माइनरें झाड़ झंखाड़ और सिल्ट से पूरी तरह पट गई हैं । जबकि पिछले वर्ष माइनर के टूटने के कारण क्षेत्र के जनौली, बहेरी और जमुरखा गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ो एकड़ रबी की फसल जलमग्न हो गई थी। जबकि एवती माइनर की पानी की निकासी न होने के कारण टेल पर स्थित बघरी और सिसौड़ा के किसानों की फसल बर्बाद होती हैं। जिससे किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान होता हैं। किसान अनिल सिंह, रविंद्र सिंह, सुभाष राय, बाकेसिंह, अजय सिंह टप्पू, श्रीराम आदि किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के लापरवाही के चलते माइनरों की सफाई नही हो पायी हैं। जिससे किसानों के सामने अपनी फसल की सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई हैं। किसानों ने जिला अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त माइनरों की सफाई कराने की मांग किया हैं।
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