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जमीन पर लेटाकर उपचार करने वालों की जांच के लिए टीम गठित
Updated Sun, 07 Oct 2018 01:08 AM IST
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चंदौली। सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन लेटाकर उपचार करने वाले मामले की जांच शुरू हो गई है। शनिवार को सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने मामले की जांच के लिए एडीशनल सीएमओ डा. नीलम ओझा के अलावा तीन अन्य चिकित्सकों की टीम का गठन किया।
सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर माह के प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं की नसबंदी कराई जाती है। जबकि इनकी सहूलियत के हिसाब से स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त सुविधाएं भी मौजूद हैं। लेकिन यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मी आनी मर्जी के हिसाब से ही कार्य करते है। शुक्रवार को पीएचसी में 12 महिलाओं की नसबंदी कराई गई लेकिन आपरेशन के बाद चार महिलाओं को जमीन पर लेटाकर ही इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार के लोगों ने विरोध भी किया लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के मर्जी के सामने उनकी एक नहीं चली। मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंचा । वहीं शनिवार को सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटाकर उपचार करने के मामले की जांच के लिए एडीशनल सीएमओ नीलम ओझा को जिम्मेदारी दी हैं। वहीं उनके साथ तीन अन्य चिकित्सकों को भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया हैं।
सदर पीएचसी पर नसबंदी के बाद महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदारों को बक्शा नहीं जाएगा। डा. पीके मिश्र सीएमओ, चंदौली।
सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर माह के प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं की नसबंदी कराई जाती है। जबकि इनकी सहूलियत के हिसाब से स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त सुविधाएं भी मौजूद हैं। लेकिन यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मी आनी मर्जी के हिसाब से ही कार्य करते है। शुक्रवार को पीएचसी में 12 महिलाओं की नसबंदी कराई गई लेकिन आपरेशन के बाद चार महिलाओं को जमीन पर लेटाकर ही इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार के लोगों ने विरोध भी किया लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के मर्जी के सामने उनकी एक नहीं चली। मामला बड़े अधिकारियों तक पहुंचा । वहीं शनिवार को सीएमओ डा. पीके मिश्रा ने नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटाकर उपचार करने के मामले की जांच के लिए एडीशनल सीएमओ नीलम ओझा को जिम्मेदारी दी हैं। वहीं उनके साथ तीन अन्य चिकित्सकों को भी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया हैं।
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सदर पीएचसी पर नसबंदी के बाद महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिम्मेदारों को बक्शा नहीं जाएगा। डा. पीके मिश्र सीएमओ, चंदौली।
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