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फाइलों की जांच के लिए रविवार को खुला कार्यालय
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:36 AM IST
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चंदौली। पंचायती राज विभाग कार्यालय में तीन अरब से अधिक का घालमेल का मामला पकड़ में आने के बाद कर्मचारी से लेकर अधिकारियों की घिग्घी बंध गई है। अवकाश होने के बाद रविवार को डीपीआरओ कार्यालय खुला रहा। डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र कार्यालय में दस्तावेजों के मिलान करने में दिनभर जुटे रहे और कर्मचारी भी अपने फाइलों को दुरुस्त करने में मशगूल रहे।
डीपीआरओ कार्यालय में स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए बना ओडीएफ वार रूम भी खुला रहा और कर्मचारी निर्मित शौचायालें के बारे में जानकारी एकत्रित करते रहे।
गौरतलब है कि डीएम नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर शनिवार को सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने डीपीआरओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। जहां पत्रावलिया और कैशबुक, ग्रांट रजिस्टर तथा बैंक की पासबुक की जांच के दौरान सीडीओ ने शासन से जिले के विकास कार्यों और शौचालय निर्माण का अरबों रुपये का हिसाब गायब मिली।सीडीओ ने अप्रैल 2015 के बाद से ग्रांट रजिस्टर एक में कोई प्रविष्टि नहीं होने पर मामले को गंभीरता लिया और जांच की आख्या रिर्पोट डीएम को भेज दिया। सीडीओ ने लेखाकार रामप्रसाद का जुलाई माह का वेतन भी रोकने के लिए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र को निर्देश दिया था।
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रविवार को अवकाश होने के बाद मुख्यालय पर सभी कार्यालय बंद रहे, लेकिन डीपीआरओ कार्यालय रोज की तरह खुला रहा और कर्मचारी भी अपने पटल पर मौजूद दिखे। सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को बाकी दस्तावेजों की जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी गई है। इधर जिलाधिकारी ने पूरी रिपोर्ट तलब करने के बाद पूरे प्रकरण से शासन को अवगत करा दिया है।
डीपीआरओ कार्यालय में स्वच्छता के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए बना ओडीएफ वार रूम भी खुला रहा और कर्मचारी निर्मित शौचायालें के बारे में जानकारी एकत्रित करते रहे।
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गौरतलब है कि डीएम नवनीत सिंह चहल के निर्देश पर शनिवार को सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने डीपीआरओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। जहां पत्रावलिया और कैशबुक, ग्रांट रजिस्टर तथा बैंक की पासबुक की जांच के दौरान सीडीओ ने शासन से जिले के विकास कार्यों और शौचालय निर्माण का अरबों रुपये का हिसाब गायब मिली।सीडीओ ने अप्रैल 2015 के बाद से ग्रांट रजिस्टर एक में कोई प्रविष्टि नहीं होने पर मामले को गंभीरता लिया और जांच की आख्या रिर्पोट डीएम को भेज दिया। सीडीओ ने लेखाकार रामप्रसाद का जुलाई माह का वेतन भी रोकने के लिए डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र को निर्देश दिया था।
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रविवार को अवकाश होने के बाद मुख्यालय पर सभी कार्यालय बंद रहे, लेकिन डीपीआरओ कार्यालय रोज की तरह खुला रहा और कर्मचारी भी अपने पटल पर मौजूद दिखे। सीडीओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को बाकी दस्तावेजों की जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी गई है। इधर जिलाधिकारी ने पूरी रिपोर्ट तलब करने के बाद पूरे प्रकरण से शासन को अवगत करा दिया है।