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चार साल में खर्च हो गए 8.5 करोड़, फिर भी फैली है गंदगी
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पीडीडीयू नगर। नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। न तो ठीक तरीके से नालियों की सफाई हो पा रही और न ही गलियों में झाड़ू लगता है। यहां तक कि नालियों में दवा का छिड़काव भी नहीं किया जाता है। जबकि नगर पालिका ने पिछले चार वर्षों में सफाई व्यवस्था के नाम पर लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च कर दिये हैं। नगर में जगह- जगह फैली गंदगी के चलते लोगों में अधिकारियों के प्रति नाराजगी है।
नगर के 25 वार्डो में हर रोज 35 टन कूड़ा निकलता है। नगर पालिका की ओर से इसे उठाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है। नगर पालिका की ओर से साफ-सफाई की व्यवस्था किये जाने के लिए चार साल में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके है। इसमें कूड़ा ढोने के लिए बड़े-छोटे वाहनों समेत हाईड्रा, ट्रैक्टर व हाथ ठेला गाड़ी, कूड़ादान, स्टील डस्टबीन, झाड़ू समेत ब्लीचिंग पाउडर, अन्य सामानों पर खर्च किये जाने का दावा किया गया है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है।
पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के पूर्व जनप्रतिनिधि बोर्ड की ओर से लाखों रुपये खर्च कर सड़क से धूल उठाने व झाड़ू लगाने के लिए मशीन खरीदी गई थी। सड़कों की गुणवत्ता के हिसाब से मशीन अनुपयोगी साबित हो रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सफाई के लिए मशीन के नीचे लगे ब्रश और प्रेशर से सड़क खराब हो जा रही थी। ऐसे में पालिका की ओर से उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। संवाद
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पीडीडीयू नगर। नगर में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में काफी नाराजगी व्याप्त है। लोगों को आरोप है कि सफाईकर्मियों की लापरवाही के चलते सफाई नहीं होती है। वहीं नालियों में न तो कीटनाशक दवा का छिड़काव होता है और न ही झाड़ू लगाया जाता है। नगर के हनुमानपुर निवासी चंचल यादव ने बताया कि उनके यहां काफी गंदगी फैैली रहती है। इसके अलावा नालियों में झाड़ू तक नहीं लगता है। रविनगर निवासी अंकित गुप्ता ने बताया कि सफाईकर्मियों द्वारा कई दिनों तक नाली में झाड़ू नहीं लगाने से बदबू उठती रहती है। नई बस्ती सुनील शर्मा और शाहकुटी निवासी रोहन गुप्ता ने भी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
नगर पालिका में सरकारी सफाईकर्मियों के 269 पद स्वीकृत हैं जबकि इसमें से 148 पद रिक्त है। सफाईकर्मियों की कमी से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी बेहतर साफ-सफाई के लिए निर्देशित किया जाता है। - संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर
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नगर के 25 वार्डो में हर रोज 35 टन कूड़ा निकलता है। नगर पालिका की ओर से इसे उठाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई है। नगर पालिका की ओर से साफ-सफाई की व्यवस्था किये जाने के लिए चार साल में लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके है। इसमें कूड़ा ढोने के लिए बड़े-छोटे वाहनों समेत हाईड्रा, ट्रैक्टर व हाथ ठेला गाड़ी, कूड़ादान, स्टील डस्टबीन, झाड़ू समेत ब्लीचिंग पाउडर, अन्य सामानों पर खर्च किये जाने का दावा किया गया है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है।
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पीडीडीयू नगर। नगर पालिका के पूर्व जनप्रतिनिधि बोर्ड की ओर से लाखों रुपये खर्च कर सड़क से धूल उठाने व झाड़ू लगाने के लिए मशीन खरीदी गई थी। सड़कों की गुणवत्ता के हिसाब से मशीन अनुपयोगी साबित हो रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सफाई के लिए मशीन के नीचे लगे ब्रश और प्रेशर से सड़क खराब हो जा रही थी। ऐसे में पालिका की ओर से उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। संवाद
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पीडीडीयू नगर। नगर में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में काफी नाराजगी व्याप्त है। लोगों को आरोप है कि सफाईकर्मियों की लापरवाही के चलते सफाई नहीं होती है। वहीं नालियों में न तो कीटनाशक दवा का छिड़काव होता है और न ही झाड़ू लगाया जाता है। नगर के हनुमानपुर निवासी चंचल यादव ने बताया कि उनके यहां काफी गंदगी फैैली रहती है। इसके अलावा नालियों में झाड़ू तक नहीं लगता है। रविनगर निवासी अंकित गुप्ता ने बताया कि सफाईकर्मियों द्वारा कई दिनों तक नाली में झाड़ू नहीं लगाने से बदबू उठती रहती है। नई बस्ती सुनील शर्मा और शाहकुटी निवासी रोहन गुप्ता ने भी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
नगर पालिका में सरकारी सफाईकर्मियों के 269 पद स्वीकृत हैं जबकि इसमें से 148 पद रिक्त है। सफाईकर्मियों की कमी से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भी बेहतर साफ-सफाई के लिए निर्देशित किया जाता है। - संतोष खरवार, चेयरमैन, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर