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महंगी शिक्षा के विरोध में प्रदर्शन
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:15 AM IST
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चंदौली। बढ़ती बेरोजगारी और महंगी होती शिक्षा के विरोध में मुखर भारत की जनवादी नौजवान सभा व छात्र युवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने हक के लिए आवाज बुलंद की। अंत में 17 सूत्री मांग पत्र एसडीएम सौंपा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश व प्रदेश की सरकार धर्म, जाति के नाम पर राजनीति कर रही है। महंगी होती शिक्षा व दिनोंदिन बढ़ रही बेरोजगारी की तरफ सरकार का ध्यान नहीं है। सरकार मजहब के नाम पर लोगों को लड़ा रही है। स्टार्ट अप, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया यह सब युवाओं के लिए छलावा साबित हो रहा है। देश व प्रदेश में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई नहीं के बराबर हो रही है, जबकि निजी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ा पाना सामान्य जनता के बस की बात नहीं है। कहा कि सरकार छात्रों के जनतांत्रिक अधिकारों को समाप्त करने पर तुली है। कार्यकर्ताओं ने वित्त विहीन शिक्षकों को संतोषजनक वेतन देने, बंद पड़े सरकारी कारखानों को खोले जाने, छात्र संघ का चुनाव कराने, मनरेगा मजदूरी 300 रुपये किए जाने, हथकरघा बुनकरों व सभी किसानों के ऋण माफ करने की मांग की। इस मौके पर गुलाब चन्द्र, कन्हैया यादव, धर्मेन्द्र, धर्मराज, सहेंद्र, लालजीत, जालंधर, श्याम प्यारी, अरविंद आदि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश व प्रदेश की सरकार धर्म, जाति के नाम पर राजनीति कर रही है। महंगी होती शिक्षा व दिनोंदिन बढ़ रही बेरोजगारी की तरफ सरकार का ध्यान नहीं है। सरकार मजहब के नाम पर लोगों को लड़ा रही है। स्टार्ट अप, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया यह सब युवाओं के लिए छलावा साबित हो रहा है। देश व प्रदेश में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। शिक्षा का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई नहीं के बराबर हो रही है, जबकि निजी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ा पाना सामान्य जनता के बस की बात नहीं है। कहा कि सरकार छात्रों के जनतांत्रिक अधिकारों को समाप्त करने पर तुली है। कार्यकर्ताओं ने वित्त विहीन शिक्षकों को संतोषजनक वेतन देने, बंद पड़े सरकारी कारखानों को खोले जाने, छात्र संघ का चुनाव कराने, मनरेगा मजदूरी 300 रुपये किए जाने, हथकरघा बुनकरों व सभी किसानों के ऋण माफ करने की मांग की। इस मौके पर गुलाब चन्द्र, कन्हैया यादव, धर्मेन्द्र, धर्मराज, सहेंद्र, लालजीत, जालंधर, श्याम प्यारी, अरविंद आदि उपस्थित रहे।
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