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50 करोड रुपया से खर्च कर जिले को बनाया जाएगा शौच मुक्त
Updated Sun, 06 Aug 2017 01:12 AM IST
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चंदौली। जिले के 734 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार ने अपना खजाना पूरी तरह से खोल दिया है। पूरे जिले को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 31 दिसंबर तक शौच मुक्त करना है। इसके लिए पंचायत विभाग को 50 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित कर चुकी है। इस पैसे से 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर दूसरी किश्त उपलब्ध होगी।
केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद ही प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान को पहले श्रेणी में रखा था। जिसके तहत उन्होंने पूरे भारत को शौच मु्क्त करने के साथ-साथ साफ-सफाई पर विशेष बल दिया था। जिसके तहत पूरे प्रदेश में शौच मुक्त बनाने के लिए मुहिम चलने लगी है। गांवों में सुबह-शाम इसके लिए मानिटरिंग टीम भी बना दी गयी। यही नहीं जिन घरों में शौचालय नहीं है। उन घरों में शौचालय बनाने के लिए केद्र की सरकार 12 हजार रुपया का प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध करा रही है। अभी तक पूरे जिले में 1.40 लाख ऐसे परिवार हैं जो लोग शौचालय बनवा चुके हैं। वहीं अभी भी 30 हजार परिवार ऐसे हैं जो खुले में शौच करने को विवश हैं। सरकार द्वारा आवंटित धनराशि से 75 प्रतिशत कार्य पूरा होने का रिपोर्ट शासन को भेजने के बाद दूसरी किश्त जारी होगी।
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इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल सिंह का कहना है कि पिछले दस वर्षो में केंद्र की सरकार ने शौचालय के नाम करोड़ो रुपया खर्च की है। प्रत्येक वर्ष शौचालय के लिए अनुदान की राशि निश्चित नहीं थी। जबकि वर्तमान की केंद्र सरकार ने जिले को अभी तक 50 करोड़ रुपए दे चुकी है। वहीं आन लाइन सर्वे के अनुसार 1.40 लाख परिवार में शौचालय की उपलब्धता है। अभी भी 30 हजार परिवार को शौचालय की जरूरत है। इसके लिए शासन से धन की मांग की गई है। जल्द ही इन लोगों के यहां भी शौचालय बनवा दिया जाएगा। जिससे 31 दिसंबर तक जिले को पूर्ण रुप से शौच मुक्त किया जा सके।
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