{"_id":"6722a6d0015fdeafce0c38bd","slug":"65-ashyana-will-be-sacrificed-for-four-lane-chandauli-news-c-189-1-svns1013-122592-2024-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: फोरलेन की भेंट चढ़ेंगे 65 अशियाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: फोरलेन की भेंट चढ़ेंगे 65 अशियाने
विज्ञापन
नियामताबाद। पं. दीनदयाल उपाध्याय तहसील गोधना चौराहे से लेवा रोड तक बनने वाली फोरलेन सड़क की जद में नियामताबाद गांव के करीब 65 घर आ रहे हैं। जल्द ही इन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा। इन घरों में कभी दिवाली पर दीपक जलाकर उत्सव मनाया जाता था, आज सन्नाटा पसरा है। जो भूमिहीन हो गये हैं, उनके सामने संकट खड़ा हो गया है कि अब वे कहां जाएं। उधर, पीडब्ल्यूडी ने प्रभावितों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
इस बार दीपावली पर नियामताबाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां के 65 परिवार सड़क चौड़ीकरण के जद में आ गए हैं। उन्हें अभी तक न जमीन मिली है और न मुआवजा। ऐसे में सवाल यह है कि अब ये परिवार कहां जाएंगे। गांव के गोपाल प्रसाद गुप्ता कहते हैं कि हमारे पास तो यही एक घर है, जिसमें दो बच्चों को पालते हैं और अब घर चौड़ीकरण में अधिक हिस्सा जा रहा है। कहां जायेंगे हमें सरकार जमीन उपलब्ध कराए और उचित मुआवजा दिया जाए। किडनी रोग से ग्रसित चंद्रिका प्रसाद जायसवाल ठेले पर चाट बेचते हैं। सड़क चौड़ीकरण में वह भी प्रभावित हो रहे हैं। इसी तरह तेतरा देवी कहती हैं कि वह जिस घर में दुल्हन बनकर आयी थीं, उसी घर से अर्थी जाए तो ठीक है। सागर पान की दुकान से परिवार का जीवकोपार्जन चलाते हैं। उनके समक्ष भी संकट खड़ा हो गया है।
एसडीएम पीडीडीयू नगर आलोक कुमार ने बताया कि जो परिवार भूमिहीन हो गये हैं, सरकार उनके पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। जितना संभव होगा, उतनी उनकी मदद की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस बार दीपावली पर नियामताबाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां के 65 परिवार सड़क चौड़ीकरण के जद में आ गए हैं। उन्हें अभी तक न जमीन मिली है और न मुआवजा। ऐसे में सवाल यह है कि अब ये परिवार कहां जाएंगे। गांव के गोपाल प्रसाद गुप्ता कहते हैं कि हमारे पास तो यही एक घर है, जिसमें दो बच्चों को पालते हैं और अब घर चौड़ीकरण में अधिक हिस्सा जा रहा है। कहां जायेंगे हमें सरकार जमीन उपलब्ध कराए और उचित मुआवजा दिया जाए। किडनी रोग से ग्रसित चंद्रिका प्रसाद जायसवाल ठेले पर चाट बेचते हैं। सड़क चौड़ीकरण में वह भी प्रभावित हो रहे हैं। इसी तरह तेतरा देवी कहती हैं कि वह जिस घर में दुल्हन बनकर आयी थीं, उसी घर से अर्थी जाए तो ठीक है। सागर पान की दुकान से परिवार का जीवकोपार्जन चलाते हैं। उनके समक्ष भी संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
एसडीएम पीडीडीयू नगर आलोक कुमार ने बताया कि जो परिवार भूमिहीन हो गये हैं, सरकार उनके पुनर्वास की व्यवस्था करेगी। जितना संभव होगा, उतनी उनकी मदद की जाएगी।
विज्ञापन