{"_id":"5a2997244f1c1bd0408bb622","slug":"61512675108-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली को लेकर अटेवा ने निकाला कैंडल जुलूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली को लेकर अटेवा ने निकाला कैंडल जुलूस
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुगलसराय। पुरानी पेंशन बहाली के लिए आल टीचर इम्प्लाई वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने गुरुवार की शाम नगर के सुभाष पार्क से कैंडल मार्च निकाला। इसके पश्चात दो मिनट का मौन रखकर शोकसभा आयोजन किया।
जिला अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2005 के बाद से सरकारी नौकरियों में पुरानी पेंशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। जिसकी बहाली के लिए हमारा संगठन संघर्षरत है क्योंकि पेंशन हमारे जीवन का आधार है। कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन हमारे एक पेंशन विहीन साथी रामअशीष सिंह पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन में तत्कालीन सपा सरकार के शासनकाल में लखनऊ में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में मौत हो गई थी। कहा कि उनका संघर्ष बेकार नही जाएगा। जिला कोषाध्यक्ष इरफान अली मंसूरी ने कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि एक दिन के लिए भी चुना जाता है तो उसे पुरानी पेंशन की व्यवस्था दी जाती है। जबकि हम शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी 30 से 40 वर्षों तक देश की सेवा करते हैं और उनको पेंशन के नाम पर कुछ भी नही प्राप्त होता है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष यशवर्धन सिंह ने कहा कि देश में लगभग 48 लाख व प्रदेश में लगभग 12 लाख शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी पेंशन विहीन हैं। जिलामंत्री इम्तेयाज खान ने कहा कि पुरानी पेंशन की लड़ाई हमारे स्वाभिमान की लड़ाई हैं। यह तब तक अनवरत चलती रहेगी जब तक की ये बहाल न हो जाये। अंत में अध्यक्ष बृजेश सिंह ने सभी पेंशन विहीन शिक्षकों अपनी लड़ाई को अनवरत जारी रखने की अपील किया। इस दौरान रामानंद सिंह यादव, अरविंद सिंह, हर्षवर्धन सिंह, नूर अख्तर अली, विकास सिंह, जैद अहमद, हिमांशु तिवारी, आदित्य राजा, इरफान अहमद, धीरेंद्र सिंह, रिंकू यादव, देवेंद्र प्रताप, निर्मल सिंह, रामजी यादव, असगर अली, रत्नाकर, संतोष, प्रमोद दूबे, दिवाकर यादव आदि मौजूद रहे। संचालन जिला प्रवक्ता ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने किया।
जिला अध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल 2005 के बाद से सरकारी नौकरियों में पुरानी पेंशन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। जिसकी बहाली के लिए हमारा संगठन संघर्षरत है क्योंकि पेंशन हमारे जीवन का आधार है। कहा कि पिछले वर्ष आज ही के दिन हमारे एक पेंशन विहीन साथी रामअशीष सिंह पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन में तत्कालीन सपा सरकार के शासनकाल में लखनऊ में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में मौत हो गई थी। कहा कि उनका संघर्ष बेकार नही जाएगा। जिला कोषाध्यक्ष इरफान अली मंसूरी ने कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि एक दिन के लिए भी चुना जाता है तो उसे पुरानी पेंशन की व्यवस्था दी जाती है। जबकि हम शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी 30 से 40 वर्षों तक देश की सेवा करते हैं और उनको पेंशन के नाम पर कुछ भी नही प्राप्त होता है। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष यशवर्धन सिंह ने कहा कि देश में लगभग 48 लाख व प्रदेश में लगभग 12 लाख शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी पेंशन विहीन हैं। जिलामंत्री इम्तेयाज खान ने कहा कि पुरानी पेंशन की लड़ाई हमारे स्वाभिमान की लड़ाई हैं। यह तब तक अनवरत चलती रहेगी जब तक की ये बहाल न हो जाये। अंत में अध्यक्ष बृजेश सिंह ने सभी पेंशन विहीन शिक्षकों अपनी लड़ाई को अनवरत जारी रखने की अपील किया। इस दौरान रामानंद सिंह यादव, अरविंद सिंह, हर्षवर्धन सिंह, नूर अख्तर अली, विकास सिंह, जैद अहमद, हिमांशु तिवारी, आदित्य राजा, इरफान अहमद, धीरेंद्र सिंह, रिंकू यादव, देवेंद्र प्रताप, निर्मल सिंह, रामजी यादव, असगर अली, रत्नाकर, संतोष, प्रमोद दूबे, दिवाकर यादव आदि मौजूद रहे। संचालन जिला प्रवक्ता ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने किया।
विज्ञापन