{"_id":"5be5dbd2bdec2210372354d0","slug":"51541790674-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छठ की तैयारी शुरू, गंदगी से पटे तालाब, कैसे पड़ेगा अर्घ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छठ की तैयारी शुरू, गंदगी से पटे तालाब, कैसे पड़ेगा अर्घ्य
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीडीडीयू नगर। दीपावली के बाद छठ पूजा की तैयारी तेजी पर है। 11 नवंबर को नहाय खाय से डाला छठ की शुरूआत हो जाएगी। 13 नवंबर की शाम अस्ताचलगामी सूर्य और 14 नंवबर की सुबह उदयाचल सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, लेकिन जिले में तालाबों की स्थिति खराब है। कई तालाबों में तो पानी ही नहीं है। इसी तरह गंगा घाट पर बाढ़ के दौरान का सिल्ट जमा है। ऐसे में व्रतियों को मुश्किल होगी।
लोक आस्था का महापर्व डाला बिहार के बाद पूर्वांचल का भी प्रमुख पर्व बन गया है। सुख, सौभाग्य की कामना से सूर्योपासना का चार दिवसीय पर्व 11 नवंबर से नहाय खाए के साथ शुरू हो रहा है। 12 नवंबर को व्रती बखीर का भोग लगाएंगे और शाम के वक्त घाट की पूजा करेंगे। 13 नवंबर को सरोवर तटों पर पहुंच कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और 14 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। इस वर्ष मानसून में कम बारिश होने और प्रशासन की लापरवाही से तालाबों की स्थिति दयनीय है। नगर में दामोदरदास पोखरा, मानसरोवर तालाब, मालगोदाम पोखरा, सिकटिया पोखरा, अलीनगर पोखरा के साथ अन्य पोखरों पर अर्घ्य देने के लिए व्रतियों की भीड़ होती है। इसी तरह पड़ाव में गंगा तट पर, चहनियां में बलुआ गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर, धानापुर में गंगा घाटों पर भी छठ व्रती अर्घ्य देंगे। इसी तरह चंदौली, चकिया, शहाबगंज, इलिया, सकलडीहा सहित अन्य स्थानों पर सूर्योपासना की तैयारी पूरी हो चुकी है। दामोदरदास पोखरा की स्थिति यह है कि पानी कम हो गया है और घाटों पर कूड़ा करकट का अंबार है। यही हाल मालगोदाम पोखरे का भी है। यहां तो पानी ही सूख गया है। ऐसे में व्रतियों को मुश्किल होगी। मानसरोवर पोखरा में पूजा कमेटी की ओर से छठ पूजा के मद्देनजर लगातार साफ सफाई हो रही है लेकिन यहां गंदगी कम नहीं हो रहा है। चहनियां क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट, तीरगांवा घाट सहित अन्य घाटों पर अभी भी बाढ़ के समय का मलबा घाटों पर जमा है। इसकी साफ सफाई के इंतजाम नहीं हुए हैं। श्रीश्री छठ पूजा समिति सूर्य मंदिर मानसनगर के अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रति वर्ष हम लोग ही साफ सफाई करते हैं।
विज्ञापन
लोक आस्था का महापर्व डाला बिहार के बाद पूर्वांचल का भी प्रमुख पर्व बन गया है। सुख, सौभाग्य की कामना से सूर्योपासना का चार दिवसीय पर्व 11 नवंबर से नहाय खाए के साथ शुरू हो रहा है। 12 नवंबर को व्रती बखीर का भोग लगाएंगे और शाम के वक्त घाट की पूजा करेंगे। 13 नवंबर को सरोवर तटों पर पहुंच कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और 14 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। इस वर्ष मानसून में कम बारिश होने और प्रशासन की लापरवाही से तालाबों की स्थिति दयनीय है। नगर में दामोदरदास पोखरा, मानसरोवर तालाब, मालगोदाम पोखरा, सिकटिया पोखरा, अलीनगर पोखरा के साथ अन्य पोखरों पर अर्घ्य देने के लिए व्रतियों की भीड़ होती है। इसी तरह पड़ाव में गंगा तट पर, चहनियां में बलुआ गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर, धानापुर में गंगा घाटों पर भी छठ व्रती अर्घ्य देंगे। इसी तरह चंदौली, चकिया, शहाबगंज, इलिया, सकलडीहा सहित अन्य स्थानों पर सूर्योपासना की तैयारी पूरी हो चुकी है। दामोदरदास पोखरा की स्थिति यह है कि पानी कम हो गया है और घाटों पर कूड़ा करकट का अंबार है। यही हाल मालगोदाम पोखरे का भी है। यहां तो पानी ही सूख गया है। ऐसे में व्रतियों को मुश्किल होगी। मानसरोवर पोखरा में पूजा कमेटी की ओर से छठ पूजा के मद्देनजर लगातार साफ सफाई हो रही है लेकिन यहां गंदगी कम नहीं हो रहा है। चहनियां क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट, तीरगांवा घाट सहित अन्य घाटों पर अभी भी बाढ़ के समय का मलबा घाटों पर जमा है। इसकी साफ सफाई के इंतजाम नहीं हुए हैं। श्रीश्री छठ पूजा समिति सूर्य मंदिर मानसनगर के अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रति वर्ष हम लोग ही साफ सफाई करते हैं।
विज्ञापन